ग्वालियर

पूछताछ करते बिगड़ी तबियत, एमपी पुलिस कस्टडी में पांच में से एक की मौत

Gwalior News: एमपी पुलिस ने पांच संदिग्धों को किया था गिरफ्तार, पूछताछ में इकबाल की तबीयत बिगड़ी, पुलिस कस्टडी में ही हो गई मौत...
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Updated: 5 Sep 2025, 11:44 AM IST
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Gwalior News: नोट बदलवाने आए चारों लोगों को ले जाती पुलिस, इनसेट मृतक इकबाल और जब्त की गई कार। (फोटो: पत्रिका)

Gwalior News: नोटबंदी में बंद हो चुके 3 लाख रुपए के पुराने नोटों को बदलने आए एक संदेही की बिलौआ पुलिस की कस्टडी में मौत हो गई। यह सनसनीखेज घटना गुरुवार शाम को जौरासी (थाना बिलौआ) पुलिस चौकी की है। मृतक की पहचान इकबाल खान (57) निवासी छीपटी गांव, भांडेर (दतिया) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि इकबाल और उसके चार साथियों को पुराने नोट बदलने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था, हैरानी की बात ये है कि जौरासी चौकी प्रभारी पूनम कटारे और उनकी टीम पांचों को पकड़कर चौकी में बंद कर पूछताछ करती रही और उच्च अफसरों को जानकारी तक नहीं दी। मामला रफा दफा करने के लिए मृतक के परिजन को उसकी लाश देेकर रवाना भी कर दिया था।

पुलिस ने रास्ते में पकड़ा, प्रताड़ना के आरोप

पुलिस का कहना है कि किसी मुखबिर ने जौरासी चौकी प्रभारी पूनम कटारे को इन लोगों के पास फेक करंसी होने की खबर दे दी। इसी आधार पर शाम करीब 4.30 बजे जौरासी पर पांचों को पुलिस ने दबोच लिया। इकबाल के साथियों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि चौकी में लाकर पुलिसकर्मियों ने सख्ती से पूछताछ की।

पूछताछ से घबराया और बिगड़ गई हालत

इकबाल घबरा गया और उसकी हालत बिगड़ गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ा, तब पुलिसकर्मी उसे उठाकर डबरा के सरकारी अस्पताल में ले गए। उस वक्त बाकी लोगों को धमका दिया कि अगर किसी को कुछ बताया तो ऐसे केस में जेल भेज देंगे कि जिंदगी भर बाहर नहीं निकल पाओगे।

दलाल ने दिया था झांसा

छीपटी गांव (दतिया) निवासी इकबाल, नीरज अग्रवाल, वीरेन्द्र रायकवार, शफीक खान और जितेन्द्र कुमार निवासी झांसी तीन लाख रुपया (500-500 के पुराने नोट) बदलने के लिए कार यूपी 93 सीएफ 3590 से झांसी से ग्वालियर आए थे। उनके साथ आए नीरज अग्रवाल ने बताया कि उन्हें किसी दलाल ने कमीशन पर नोट बदलवाने का भरोसा दिलाकर बुलाया था, लेकिन ग्वालियर पहुंचने पर दलाल और इन लोगों के बीच सौदा नहीं पटा तो वापस लौट रहे थे।

हवाला के आरोपों की जांच

पुलिस कस्टडी में इकबाल की मौत के बाद इस मामले में हवाला की कहानी भी सुनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि इकबाल और उसके साथी हवाला के जरिए मोटे पैसे का लेनदेन करने आए थे। पुलिस को शक है कि इकबाल और उसके साथी हवाला के कारोबार में शामिल थे और पुलिस उनसे इस बारे में जानकारी निकालने की कोशिश कर रही थी।

कस्टडी में मौत, न्यायिक जांच होगी

मृतक और उसके साथी नोट बंदी में बंद हो चुके तीन लाख रुपए बदलने झांसी से आए थे। लौटते वक्त इन्हें जौरासी चौकी प्रभारी ने पकड़ा। इसमें एक संदेही की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हुई है। घटनाक्रम की न्यायिक जांच की जाएगी, दोषियों के खिलाफ कडी कार्रवाई होगी।

-धरमवीर सिंह यादव, एसएसपी, ग्वालियर

Updated on:
5 Sep 2025, 11:44 AM IST
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