पीएससी परीक्षा का स्तर सुधारें, परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित भी बनाएं
ग्वालियर। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने यह कहते हुए उस याचिका को खारिज कर दिया कि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) अपने परीक्षा के स्तर को सुधारे और परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित भी बनाए।
रूपेश कुमार ने हाईकोर्ट में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी की परीक्षा को लेकर याचिका दायर की थी। उसकी ओर से कहा गया कि पीएससी ने एडीपीओ की परीक्षा ली है, उसमें चार प्रश्नों के उत्तर गलत हैं। याचिकाकर्ता को सेट-ए मिला था। उसमें प्रश्न नंबर-5 के जो उत्तर के चार विकल्प दिए थे। उस प्रश्न के तीन विकल्प सही थे। यदि प्रश्न का उत्तर लगाया जाता तो माइनस मार्किंग हो जाती। सेट ए के 4, 5, 9, 39 को हटा दिया जाता है तो रूपेश साक्षात्कार के लिए क्वालिफाई हो जाएगा। उसके 29.86 फीसदी अंक आए हैं। जबकि साक्षात्कार के लिए 30 फीसदी अंक चाहिए। कोर्ट ने पीएससी से जवाब मांगा था। पीएससी की ओर से अधिवक्ता रवींद्र दीक्षित ने जवाब पेश किया। कोर्ट ने पीएससी का पक्ष सुनने के बाद यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि याचिकाकर्ता चयन के योग्य नहीं है।