आदेश की अवहेलना पर कोर्ट का कड़ा फैसला
ग्वालियर. हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित जमीन की बिक्री करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने क्रेता-विक्रेता, गवाहों को जेल भेजने का आदेश दिया है। उनकी संपत्ति कुर्क कर कलेक्टर को रिसीवर बना दिया है। साथ ही रजिस्ट्री को शून्य घोषित कर दिया है। यह आदेश जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकल पीठ ने दिया है।
रामस्वरूप अन्य ने न्यायालय में अवमानना आवेदन पेश किया। उनकी ओर से तर्क दिया कि द्वितीय अपील लंबित रहने के दौरान यथास्थिति बनाए रखने का आदेश 7 नवंबर 2023 व 14 अगस्त 2024 को दिया गया था, इसके बावजूद हरिमोहन ङ्क्षसह और शिवरतन ङ्क्षसह ने गंगेपुरा तहसील लहार जिला ङ्क्षभड स्थित सर्वे नंबर 79 व 80 की जमीन की रजिस्ट्री नीतू कुशवाह के नाम कर दी। न्यायालय ने पाया कि ये वही जमीन है, जो मूल वाद में विवादित थी और जिस पर वादी (रामस्वरूप) का एक-तिहाई हिस्सा घोषित किया जा चुका था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि आदेश लेने वाले ही आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं और नोटिस से बचने के लिए गलत तरीके से तामील लौटवाई गई, जिससे न्यायालय के प्रति असम्मान का भाव स्पष्ट होता है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को अवमानना का दोषी मानते हुए आदेश दिया कि वाद की अनुसूची-2 व 3 में वर्णित पूरी संपत्ति कुर्क की जाए और ङ्क्षभड कलेक्टर को रिसीवर नियुक्त कर कब्जा लेकर खेती कराई जाए तथा आय न्यायालय में जमा की जाए।
इन्हें सुनाई है सजा
ठ्ठ न्यायालय ने शिवरतन ङ्क्षसह, गया प्रसाद कुशवाह व पुष्पेंद्र कुशवाह को तीन-तीन माह व नीतू कुशवाह को डेढ़ माह के सिविल कारावास की सजा सुनाई है और सभी को 18 मार्च तक ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दोनों विक्रेताओं को एक सप्ताह में खरीदार को राशि वापस करने के आदेश भी दिए गए हैं।
ठ्ठ गया प्रसाद व पुष्पेंद कुशवाह रजिस्ट्री में गवाह बने थे। नीतू कुशवाह जमीन की खरीदार हैं। शिवरतन व हरिमोहन जमीन के विक्रेता है। विक्रेता हरिमोहन ङ्क्षसह (जो स्वयं एक वकील हैं) को हृदय और गुर्दे की गंभीर बीमारी के कारण जेल नहीं भेजा गया। इनकी संपत्ति कुर्क की जाती है। शिवरतन, गयाप्रसाद, पुष्पेंद्र को 3-3 महीने की सजा हुई है।
ठ्ठ कोर्ट ने कलेक्टर ङ्क्षभड को राजस्व रिकॉर्ड से नाम हटाकर पूर्व स्थिति बहाल करने तथा अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।