
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के कोतवाली थाने में पति पत्नी के झगड़े का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। बता दें कि, शहर के मिठाई व्यापारी और उसकी पत्नी के बीच हुए झगड़े में पुलिस के पसीने छूट गए। दरअसल, कुटुंब न्यायालय ने आदेश दिया कि, कारोबारी अपनी पत्नी को भरण पोषण खर्च देगा। 6 महीने से कारोबारी पैसा नहीं दे रहा था। इसलिए पुलिस ने उसे दबोचने की तैयारी कर ली, जिससे बचने के लिए पति ने भरण पोषण का खर्चा देने की सहमति दे दी। लेकिन, इसके बाद जो हुआ उसने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए।
बताया जा रहा है कि, पति 15 हजार रूपए के नोट नगद ले गया था, जबकि 15 हजार रुपए के सिक्के दो बोरियों में भरकर थाने पहुंच गया। नगदी रकम के साथ सिक्कों से भरी दोनों बोरियां उसने पुलिस को थमा दी। इसके बाद जब पुलिसकर्मियों चिल्लर गिनना शुरू किया तो उसने पुलिसकर्मियों की हालत बिगाड़ दी। घंटों तक पुलिसकर्मी चिल्लर ही गिनते रहे।
दो बोरियों भरकर लाया 15 हजार रूपए
बता दें कि, शहर के एक मिष्ठान भंडार के संचालक बलदेव अग्रवाल का पत्नी से विवाद चल रहा था और मामला कुटुंब न्यायालय पहुंचा तो कोर्ट ने मिष्ठान भंडार संचालक को पत्नी को भरण पोशण के तौर पर 5 हजार रुपए प्रतिमाह देना सुनिश्चित कर दिया। लेकिन पिछले 6 महीनों से मिष्ठान भंडार संचालक ने पत्नी को भरण पोषण खर्च नहीं दे रहा था। ऐसे में उसकी पत्नी ने न्यायालय में आवेदन दे दिया, जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया कि, अगर पति भरण पोषण की पूरी रकम देने से इंकार करे तो उसे गिरफ्तार करें। इसपर पुलिस एक्शन मोड में आई और व्यापारी की तलाश शुरु की।
पुलिस के छूटे पसीने
इधर, पुलिस ने मिष्ठान संचालक को मेंटेनेंस चार्ज जमा करने को कहा तो उसने दो बोरियों में 15 हजार रूपए की चिल्लर और 15 हजार रूपए नगद नोट लेकर थाने पहुंच गया और पत्नी के भरण पोषण की रकम पुलिस को थमा दी। ऐसे में पुलिस को घंटों की मशक्कत कर चिल्लर गिनी। अब ये रकम कोर्ट में पेश की जाएगी, ताकि पत्नी को दी जा सके।