शहर में पैदल चलना अब किसी साहसिक अभियान से कम नहीं रह गया है। फुटपाथ पर कब्जे, खंभे, पोल और हाथ ठेलों ने आम आदमी की राह छीन ली है। अब इस बदहाल स्थिति पर नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। मंगलवार को नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने जनकार्य, भवन […]
शहर में पैदल चलना अब किसी साहसिक अभियान से कम नहीं रह गया है। फुटपाथ पर कब्जे, खंभे, पोल और हाथ ठेलों ने आम आदमी की राह छीन ली है। अब इस बदहाल स्थिति पर नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। मंगलवार को नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने जनकार्य, भवन शाखा सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर फुटपाथ अतिक्रमण पर निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में कार्यपालन यंत्री जनकार्य सुरेश अहिरवार, सुशील कटारे, अमित गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
फुटपाथ की होगी गिनती, फिर तीन कैटेगरी में बंटेगा शहर
आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि शहर के सभी फुटपाथ वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए और अतिक्रमण को तीन कैटेगरी में बांटा जाए। इसमें पहली कैटेगरी (टॉप प्रायोरिटी) जहां पैदल चलना पूरी तरह बंद है, वहां तुरंत अतिक्रमण हटाया जाएगा। दूसरी कैटेगरी में जहां आंशिक कब्जा है, वहां चरणबद्ध कार्रवाई होगी। वहीं तीसरी कैटेगरी में जहां सुधार और पुनर्निर्माण की जरूरत है, वहां निर्माण व सुधार कार्य प्रस्तावित किए जाएंगे।
पोल-खंभे भी हटेंगे, हाथ ठेले भी निशाने पर
फुटपाथ पर लगे बिजली के पोल, खंभे, साइन बोर्ड और हाथ ठेले भी अब कार्रवाई की जद में होंगे। आयुक्त ने साफ कहा कि पैदल चलने वालों की सुविधा सर्वोपरि है और किसी भी सूरत में फुटपाथ को कब्जे का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।
भोपाल से सख्त निर्देश, निगम पर दबाव
नगरीय प्रशासन विभाग की ओर से निगमायुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निगम सीमा क्षेत्र में फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम बनाए जाएं फुटपाथ पर मौजूद पोल, खंभे, ठेले और अतिक्रमण हटाए जाएं। इसके लिए तुरंत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए, अगर यह योजना जमीन पर उतरी तो शहर की सडक़ों पर चलना आसान होगा।
50 हजार से ज्यादा है हाथठेलों की संख्या
शहर के अधिकतर फुटपाथों पर हाथ ठेले व फुटपाथियों का अतिक्रमण है। ऐसे में शहर के हर गली-मोहल्ले व चौराह पर हाथठेले देखे जा सकते है। अभी हाथठेलों की संख्या 50 हजार से ज्यादा है।