सेना की वर्दी पहनकर यह युवक दिखाता है रौब,अधिकारी भी रह जाते है दंग
ग्वालियर। सेन्य इलाके में ट्रक और ट्रोला के साथ पकड़े पुणे निवासी सचिन गावड़े से 10 दिन की माथापच्ची के बाद पुलिस मान रही है कि आरोपी ठगी के लिए सेना की वर्दी पहनता था,उसने ग्वालियर के अलावा पुणे,महू,आगरा सहित कई शहरों में फर्जी फौजी बनकर लोगों को चूना लगाया है। इसी मकसद से वह शहर में आया था। किराए पर ट्रक और ट्रोला बुक कर उनके चालकों से पैसा ऐंठकर फरार होने के इरादे में था लेकिन उससे पहले पकड़ा गया। लेकिन सवाल है कि कुछ हजार रुपए की ठगी करने के लिए फरेबी पुणे से ग्वालियर तक क्यों आएगा। इसके अलावा अभी तक जिन शहरों में उसने लोगों को चूना लगाया है उनमें से ज्यादातर में सेन्य इलाके हैं।
आर्मी एरिसया के आसपास ही उसका मूवमेंट क्यों रहता था। आरोपी सिर्फ ठग है तो उसके खिलाफ ठगी के केस सामने क्यों नहीं आए हैं। हालांकि अब पुलिस का कहना है कि सचिन गावड़े की रिमांड २ नवंबर को पूरी हो रही है, उसने १० दिन की पूछताछ में तमाम कहानियां सुनाई हैं। उसकी किस बात पर यकीन किया जाए, यही नहीं समझ पा रहे हैं। अब उसकी रिमांड नहीं बढ़ाई जाएगी अदालत में उसे पेश कर जेल भेजा जाएगा।
ऐसे करता था ठगी
पुलिस के मुताबिक आरोपी सचिन मुंबई में जेपी ट्रांसपोर्ट पर ड्राइवर की नौकरी कर चुका है, इसलिए ट्रक चालकों को टारगेट करता था। खुद को फौजी बताकर ट्रक किराए पर लेता रहा है। फिर उनके चालकों को सस्ता डीजल दिलाने का झांसा देकर पैसे लेकर चंपत हो जाता था।
लेकिन कुछ हजार रुपए की ठगी के लिए आरोपी ने ग्वालियर में दो बार क्यों डेरा डाला। पुणे से यहां तक का सफर क्यों किया। जौरा जाकर अभिषेक उर्फ सोनू को क्यों शामिल किया। उसे ट्रक चालकों को चूना लगाना तो अकेला ही उन्हें चकमा देकर भाग जाता।
इन सवालों को दबा गया आरोपी
मामूली ठगी की वारदात का इरादा था तो आईबी, एटीएस, पुलिस की सख्त पूछताछ में शुरुआत में राज क्यों नहीं खोला
डीजल में हेरफेर की ठगी करने के लिए सेन्य इलाके में घुसने की रिस्क क्यों ली, किराए के दोनों वाहनों को शहर के दूसरे हिस्से में ले जाकर उन्हेंं चकमा दे सकता था।
"आरोपी सचिन के बारे में ठगी की कई जानकारियां सामने आई हैं। उनका ब्यौरा जुटाया जा रहा है। सेना की वर्दी पहनकर कई शहरों में लोगों को ठग चुका है। उसके खिलाफ केस की जानकारी भी जुटाई जा रही है।"
सुधेश तिवारी, मुरार टीआई