Indian Railway: दीपावली पर ट्रेनों में अच्छी भीड़ रही। इसके चलते कई ट्रेनों में तो पैर रखने तक की जगह ही नहीं मिली। अधिकांश कोच फुल रहे। यात्रियों को जनरल टिकट से ही ट्रेन में घुसने का मौका मिला। वहीं बिना टिकट के यात्रा करने वालों से भी रेलवे ने एक महीने में करोड़ों की कमाई की है।
Indian Railway: दीपावली पर ट्रेनों में अच्छी भीड़ रही। इसके चलते कई ट्रेनों में तो पैर रखने तक की जगह ही नहीं मिली। ट्रेनों के अधिकांश कोच फुल रहे। वहीं यात्रियों को जनरल टिकट से ही ट्रेन में घुसने का मौका मिला। इसको देखते हुए रेलवे ने जनरल टिकट से काफी कमाई की है। रेलवे ने एक ही दिन में जनरल टिकट से 18 लाख 73 हजार रुपए कमाए है।
दीपावली के दो दिनों तक ट्रेनों में भीड़ कुछ कम रही। वहीं रविवार को भाई दूज पर सुबह से ही ट्रेनों में जगह नहीं मिली। ट्रेनों के रिजर्व कोच में लंबी- लंबी वेटिंग के चलते कई यात्रियों ने जनरल कोच में ही सफर किया। रेलवे ने भीड़ को देखते हुए अपनी सात विंडो के साथ नौ एटीवीएम से यात्रियों को टिकट की व्यवस्था कराई। इसके लिए रेलवे स्टेशन पर कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी भी विशेष रूप से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई है।वहीं सोमवार को भी काफी ट्रेनों में जगह नहीं मिली।
ग्वालियर . उधर बगैर टिकट यात्रा करने वालों से जुर्माना वसूली का ग्राफ त्योहार के महीने में काफी ऊपर रहा। यात्रा के दौरान ऐसे 29 हजार 831 से अधिक लोग पकड़े गए जिनके पास यात्रा या प्लेटफॉर्म टिकट नहीं था। इस दौरान रेलवे के खजाने में झांसी मंडल ने 1 करोड़ 63 लाख रुपए जुर्माना वसूलकर जमा कराया गया है।
मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार सिंहा के निर्देश पर रेलवे के टिकट चेकिंग स्टाफ ने अक्टूबर में अलग-अलग ट्रेनों में बेटिकट यात्रियों पर कार्रवाई कर उनसे यह जुर्माना वसूला है। हालांकि अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में रेलवे ने प्लेटफार्म टिकट की बिक्री बंद कर सिर्फ यात्रियों को ही स्टेशन में आने की व्यवस्था की थी। वहीं ट्रेनों में आरक्षण नहीं मिलने पर कई लोग सीधे ट्रेन में सवार हो गए थे।
रेलवे ने ऐप के माध्यम से ऐसी व्यवस्था की है जिससे सामान्य कोच में यात्रा के लिए घर बैठे मोबाइल पर अपना टिकट बनाए जा सकते हैं। इसके लिए रेलवे की ओर से अनारक्षित टिकट सिस्टम (यूटीएस) विकसित किया गया है। लेकिन, यह यात्रियों को ज्यादा रास नहीं आ रहा है।
इस संबंध में सीनियर डीसीएम अमन वर्मा का कहना है कि टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा ट्रेनों में लगातार चेकिंग की जाती है और अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वालों से जुर्माना वसूला जाता है। इसे लेकर रेल प्रशासन का रुख सख्त रहता है।