Indian Railway: रेलवे मंडल की इस पहल से आपातकालीन परिस्थिति में यात्रियों को तत्काल राहत मिलेगी।
Indian Railway: ट्रेन में यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर अब घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि टीटीई टिकट चेत करने के साथ अब यात्रियों का इलाज भी करेंगे। झांसी मंडल के सभी टीटीई को प्राथमिक उपचार किट के साथ जरूरी दवाएं गुरुवार को उपलब्ध कराई गईं।
मंडल की इस पहल से आपातकालीन परिस्थिति में यात्रियों को तत्काल राहत मिलेगी। अभी तक यात्रियों को मेडिकल सुविधा के लिए दूसरे स्टेशन तक का इंतजार करना पड़ता था। उसके लिए ऑनलाइन रेलवे से मदद मांगना पड़ती है। इसमें कई बार तो यात्रियों तक डॉक्टर आने से पहले ही ट्रेन निकल जाती थी।
इस नई व्यवस्था में यात्रियों को अब स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर ट्रेन के जांच स्टाफ को बताना होगा, जो ना केवल प्राथमिक चिकित्सा देंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर रेलवे चिकित्सक से भी परामर्श दिलवाएंगे। गुरुवार को मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार सिंह तथा मुय चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुलदीप स्वरूप मिश्रा के मार्गदर्शन में प्रत्येक टिकट जांच कर्मी को विशेष प्राथमिक उपचार पेटी प्रदान की गई है।
अभी तक केवल यात्रियों के लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था यात्री ट्रेनों के ट्रेन मैनेजर, गार्ड एवं स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पास उपलब्ध होती थी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडल के सभी टिकट जांच स्टाफ को प्राथमिक उपचार किट मिली है। जिसमें फर्स्ट एड किट में सामान्य उपचार से संबंधित दर्जन से अधिक दवाइयां ट्रेन में टिकट जांच स्टाफ के पास ड्यूटी के दौरान उपलब्ध है। इसे जांच स्टाफ को अपने साथ रखना अनिवार्य किया गया है।
मंडल रेल चिकित्सालय द्वारा की गई इस व्यवस्था में स्पेशल फर्स्ट एड किट को बहुत ही सरलता से उपयोग के लिए तैयार किया गया है। जिससे कोई भी पढ़ा-लिखा व्यक्ति इसका बड़ी ही आसानी से उपयोग कर सकता है। इसके साथ ही किस दवा का उपयोग किस मर्ज के लिए है। इसका भी सरलता से उल्लेख किट में उपलब्ध है। जैसे की सिरदर्द, मलहम, एलर्जी, बॉडी पैन, डायरिया, पेट दर्द तथा सीने में दर्द, बीपी जैसी जटिल दवाइयां भी पट्टी के साथ उपलब्ध है।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर 132 टीटीई कार्यरत है। यह सभी ग्वालियर से चलने वाली ट्रेनों के साथ दूसरी ट्रेनों में भी जाते है। ऐसे में जल्द ही इन टीटीई को भी फर्स्ट एड किट दी जाएगी।