ग्वालियर

चटपटा जायका, आखिर कितनी सेफ है पानी पूरी?, पानी में खटास बढ़ाने के लिए इमली की जगह मिला रहे एसिड

ग्वालियर पानी पूरी (पानी की टिक्की) का दीवाना है। शहर रोज 25 से 30 लाख रुपए की पानी पूरी गटक जाता है। स्वाद के इस बड़े बाजार में सबसे बड़ा सवाल इसकी गुणवत्ता और इस्तेमाल होने वाले पानी की सुरक्षा को लेकर है। शहर के कोने-कोने में 4 हजार से ज्यादा ठेले लगे हैं। कहीं नाले के पास तो कहीं ...
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Aug 31, 2026
gwalior pani puri
gwalior pani puri

ग्वालियर. ग्वालियर पानी पूरी (पानी की टिक्की) का दीवाना है। शहर रोज 25 से 30 लाख रुपए की पानी पूरी गटक जाता है। स्वाद के इस बड़े बाजार में सबसे बड़ा सवाल इसकी गुणवत्ता और इस्तेमाल होने वाले पानी की सुरक्षा को लेकर है। शहर के कोने-कोने में 4 हजार से ज्यादा ठेले लगे हैं। कहीं नाले के पास तो कहीं धूल-धुएं के बीच पानी पूरी बेची जा रही है। खुले में रखे आलू, बिना धुले हाथ और पानी की साफ-सफाई को लेकर लापरवाही लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकती है। इसके बावजूद खाद्य एवं औषधि विभाग ने अब तक पानी पूरी की गुणवत्ता जांचने या सैंपल लेने की जहमत नहीं उठाई।

पड़ताल में पानी के खट्टेपन को लेकर भी चौंकाने वाला सच सामने आया। असली पानी पूरी का खट्टापन इमली और सूखे आम से आना चाहिए, लेकिन मुनाफे और जल्दबाजी में कुछ ठेले वाले सस्ता नॉन-फूड ग्रेड टाटरी और साइट्रिक एसिड पानी में घोल रहे हैं। न इसकी मात्रा का कोई पैमाना है और न फूड ग्रेड होने की गारंटी। 10 रुपए की पुडिय़ा वाला केमिकल एसिड 20 लीटर पानी को चटपटा खट्टा बना देता है। एक ठेले वाले ने नाम न छापने की शर्त पर माना कि इमली महंगी है और जल्दी खराब भी होती है, जबकि एसिड से लंबे समय तक खटास बनी रहती है।

पानी पूरी कैसे और किस तेल में बन रही है, पता नहीं?

शहर के राय सिंह का बाग, मुरार, हजीरा के गोसपुरा नंबर एक, खासगी बाजार, तारागंज और काला सय्यद समेत कई इलाकों में पानी पूरी बड़े पैमाने पर बनाई जाती है। हजीरा के गोसपुरा नंबर एक में करीब 100 परिवार पानी की टिक्कियां बनाने का काम करते हैं। यहां सुबह 4 बजे से आटे की टिक्कियां तैयार की जाती हैं और बाद में तेल में तलकर पकाया जाता है। सवाल यह है कि इन्हें तलने के लिए किस गुणवत्ता के तेल का उपयोग हो रहा है और तेल को कितनी बार इस्तेमाल किया जाता है।

पानी पूरी के शौकीन ये जरूर करें

  • ठेले पर पानी ढके हुए कैंपर या ड्रम में है या खुली बाल्टी में, यह जरूर देखें। धूल और मक्खियां तो नहीं हैं।
  • पानी में इमली का गूदा और मसाले दिख रहे हैं या सिर्फ केमिकल जैसा साफ और चुभने वाला खट्टा पानी है।
  • पानी पीने योग्य आरओ का है या सीधे नल से भरा गया है।
  • ठेले वाला दस्ताने पहन रहा है या नोट गिनने के बाद उसी हाथ से पूरी परोस रहा है।
  • आलू और चटनी ताजी हैं या बासी और बदबूदार।

इनका कहना है

यदि पानीपुरी में कोइठ गड़बड़ी की शिकायत या आशंका है, तो टीम से जांच कराएंगे। जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • डॉ.एमएस सागर, अभिहित अधिकारी, खाद्य विभाग, ग्वालियर
Updated on:
31 Aug 2026 06:11 pm
Published on:
31 Aug 2026 06:10 pm