लोग डाकघरों के चक्कर लगा रहे हैं, जहां से उन्हें यह कहकर लौटाया जा रहा है कि अभी स्टॉक नहीं है
ग्वालियर। सरकार की उजाला योजना के एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट डाकघरों और अक्षय ऊर्जा की दुकानों से गायब हो गए हैं। अप्रैल माह से जनता को यह उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। लोग डाकघरों के चक्कर लगा रहे हैं, जहां से उन्हें यह कहकर लौटाया जा रहा है कि अभी स्टॉक नहीं है। अक्षय ऊर्जा की दुकानों पर भी 16 जुलाई से इनका स्टॉक समाप्त हो चुका है। 20 वॉट की ट्यूबलाइट भी नहीं मिल रही है, सिर्फ 50 वॉट के पंखे ही मौजूद हैं। केन्द्र सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन की उजाला एलईडी बल्ब वितरण योजना में दो साल में शहर के दो डाकघरों में1.15 करोड़ से अधिक के एलईडी बल्ब बिक गए थे। 9 वॉट के एलईडी बल्ब आमजन को खासे पसंद आ रहे थे।
दो साल में इतनी बिक्री
उत्पाद- कितने बिके- पोस्ट ऑफिस- दाम
एलईडी बल्ब- 1 लाख 18 हजार 983 महाराज बाड़ा 65 रुपए
एलईडी बल्ब- 58 हजार मुरार 65 रुपए
ट्यूबलाइट- 1926 महाराज बाड़ा 220 रुपए
ट्यूबलाइट- 1658 मुरार 220 रुपए
पंखे- 602- महाराज बाड़ा 1110 रुपए
पंखे- 227 मुरार 1110 रुपए
2016 से शुरू हुई थी योजना
उजाला एलईडी बल्ब वितरण योजना 2016 में शुरू हुई थी। महाराज बाड़ा के मुख्य डाकघर और मुरार डाकघर पर इनकी बिक्री प्रारंभ की गई थी। दोनों डाकघरों से अभी तक 1 करोड़ 15 लाख से अधिक के एलईडी बल्ब, 7 लाख 88 हजार से अधिक की ट्यूबलाइट और 9 लाख 20 हजार से अधिक के पंखे बेचे जा चुके हैं।
अभी स्टॉक में नहीं है
अक्षय ऊर्जा की दुकानों पर लिख दिया गया है कि अभी बल्ब स्टॉक में नहीं है। कब तक उपलब्ध हो पाएंगे, दुकानदार यह भी नहीं बता पा रहे हैं। बल्ब बदलने के लिए ग्राहक सेवा केंद्र का टोल फ्री नंबर और ग्वालियर अंचल के परियोजना अधिकारी अशोक महतो का नंबर लिख दिया गया है, जो लग ही नहीं रहे हैं।
इस महीने के अंत तक आएंगे
डाक विभाग का ऊर्जा मंत्रालय से एग्रीमेंट हुआ था। पिछले कुछ समय से एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट नहीं मिल रहे हैं, इसलिए पूरे प्रदेश के डाकघरों में ही बिक्री नहीं हो रही है। इस महीने के अंत तक इनके आने की संभावना है। हालांकि पंखे बेचे जा रहे हैं।
केएस ठाकरे, प्रवर अधीक्षक, डाक विभाग