इससे ठंडक बढ़ गई है, लेकिन फसलों को नुकसान होने की आशंका से किसान चिंतित हो गए हैं।
ग्वालियर। पश्चिमी विक्षोभ से दो दिन से बदले मौसम के बाद गुरुवार रात 8.30 बजे के करीब बारिश के साथ शहर के कई क्षेत्रों में ओले गिरे। इस मौसम में शहर में पहली बार ओले गिरे हैं, जिनका आकार कहीं-कहीं नीबू के बराबर था। इससे ठंडक बढ़ गई है, लेकिन फसलों को नुकसान होने की आशंका से किसान चिंतित हो गए हैं।
मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि अभी दो दिन और ऐसा ही मौसम रहेगा। इससे हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। मार्च में अभी तक 8.1 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
ठंडी हवाएं चलीं पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बुधवार को भी बारिश हुई थी, इसके बाद गुरुवार को सुबह हल्की बारिश हुई। इससे दिनभर मौसम में उतार-चढ़ाव आता रहा। धूप के साथ बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। हवाओं के चलने से दिन में भी ठंड का अहसास होता रहा। गुरुवार को अधिकतम तापमान 27.2 और न्यूनतम 14.4 डिग्री दर्ज किया गया।
ओले से फसलों को नुक्सान
कृषि वैज्ञानिक डॉ.राजसिंह कुशवाह ने बताया कि जिन क्षेत्रों में ओले गिरे हैं, वहां फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस समय फसल पककर तैयार है, जिसे ओले से नुकसान है। इसमें चना, मसूर, गेहंू सभी फसलें खराब हो सकती हैं।
इस तरह बदल रहा दिन का तापमान
- 1 मार्च - 29.7
- 2 मार्च - 30.0
- 3 मार्च - 30.7
- 4 मार्च- 24.2
- 5 मार्च- 27.2