
ग्वालियर। ट्रक चालक ने मुंह में बंदूक की नाल रखकर ट्रेगर दबा दिया, धमाके के साथ उसका जबड़ा उड़ गया। इससे घबराकर पहले परिजन भाग गए, फिर शव ले जाने की कोशिश की, लेकिन पड़ोसियों ने रोक लिया। करीब 45 मिनट बाद बस्ती के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सुसाइड की वजह पता नहीं चली है,आशंका है कि घटना में परिवार में झगड़ा या आशनाई कारण हो सकती है।
महाराजपुरा टीआइ वायएस तोमर ने बताया भदरौली रोड पर बृजविहार कॉलोनी में गुरुवार शाम करीब ५:३० बजे धर्मेन्द्र गुर्जर (23) ने अपने मुंह में १२ बोर की बंदूक की नाल घुसा कर गोली मार ली। वह बंदूक कहां से लाया और गोली क्यों मारी,यह पता नहीं चला है। कॉलोनी वालों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस को उसके भतीजे रविन्द्र गुर्जर ने बताया कि धर्मेन्द्र माता-पिता का इकलौता बेटा था, उसकी मां का निधन हो चुका है, पिता ने संन्यास ले लिया है। कमलापुर, गोहद में उसकी खेती-बाड़ी है, लेकिन वह किसानी नहीं करता था।
उसकी जमीन पर वह (रविन्द्र) और उसका भाई खेती करते हैं। धर्मेन्द्र की शादी भी नहीं हुई थी, काम धंधे के नाम पर ट्रक ड्राइवरी करता था, लेकिन दो महीने से वहां भी नहीं गया था। रविन्द्र ने घर में डेयरी खोल रखी है,तो उसके साथ दूध बांटने में मदद करता था। धर्मेन्द्र ने सुसाइड क्यों की, उसे नहीं पता, क्योंकि जिस वक्त गोली मारी उस समय वह दूध देने के लिए कॉलोनी में निकल गया था। घर में पत्नी आरती खाना पका रही थी, उसने धमाके की आवाज सुनी तो कमरे में झांका। धर्मेन्द्र का शव सोफे पर खून से लथपथ पड़ा था।
बंदूक लेकर आया था
आरती ने बताया चचिया ससुर धर्मेन्द्र शाम को बंदूक लेकर घर में आया था। बंदूक किसकी है, घर में क्यों लाया, यह उसने नहीं बताया। सीधा कमरे में चला गया। कुछ देर सोफे पर बैठा रहा, फिर गोली मार ली। घर में किसी से उसका विवाद भी नहीं हुआ था।
हाथ में मिली बारूद
धर्मेन्द्र ने सुसाइड की है या फिर उसकी हत्या हुई, इसे लेकर उलझन थी, इसलिए फोरेंसिक एक्सपर्ट और फिंगर प्रिंट टीम को बुलाकर उसका हैंड स्वॉव कराया, इसमें धर्मेन्द्र के हाथ पर बारूद के कण मिले। इसके आधार पर ही माना जा रहा है कि धर्मेन्द्र ने सुसाइड की है।
विक्रमपुर में ढूंढती रही पुलिस
सूचना देने वाले ने पुलिस को बताया कि विक्रमपुर में युवक को गोली मारी गई है। सूचना पर महाराजपुरा पुलिस विक्रमपुर पहुंच गई। वहां घर-घर जाकर वारदात की तस्दीक की, लेकिन लोगों ने किसी भी घटना से मना किया। काफी देर फोर्स घटना स्थल की तलाश में भटकता रहा, फिर पता चला कि घटना भदरौली रोड़ परबृजविहार कॉलोनी में हुई है।
कॉलोनी वालों ने ले जाने से रोका
पुलिस के मुताबिक रविन्द्र कुछ बातें छिपा रहा है, घर में उसकी पत्नी के अलावा भांजा, भांजी भी थे, लेकिन शव पड़ा छोडक़र सब भाग गए। कुछ देर बाद परिजन ने धर्मेन्द्र के शव को ले जाने की कोशिश की, लेकिन कॉलोनी वाले इसके लिए राजी नहीं हुए। लोगों ने रविन्द्र को समझाया कि ऐसी गलती करने पर फंस जाएगा, तब करीब एक घंटे बाद पुलिस को मामला पता चला।