
ग्वालियर। तानसेन रोड पर अभिषेक तोमर की गोलियां मारकर हत्या की मिस्ट्री राजफाश हो गई है। दिनदहाड़े सनसनीखेज हत्याकांड का मास्टरमाइंड कांच मिल का सूदखोर राहुल राजावत ही है। उसने ही गुर्गे शूटर बंटी भदौरिया और आनंद राठौर को मौत का ठेका दिया था। हत्या में गैंगस्टर हरेन्द्र राणा के दो गुर्गे भी शामिल हैं। अब राहुल के पकड़े जाने पर साजिश का असल राज खुलेगा।केबल ऑपरेटर अभिषेक तोमर निवासी पीएचई कॉलोनी की २० फरवरी की शाम करीब ४:१५ बजे एलआईसी तिराहे पर सिर में छह गोलियां मारकर हत्या कांच मिल के गुंडे बंटी भदौरिया और जनकगंज निवासी बदमाश आनंद राठौर ने की थी।
अभिषेक को मारने का तानाबाना कांच मिल निवासी बदमाश राहुल राजावत ने रचा था। राहुल का प्लान हजीरा के गुंडे परमाल तोमर की हत्या करना था। उसने गुर्गे बंटी और आनंद के अलावा हरेन्द्र राणा गैंग मेंबर विक्रम राणा, गौरव राणा और गजेन्द्र उर्फ गड़ारा को ठेका दिया। २० फरवरी को गुंडे परमाल की सूरज भदौरिया हत्याकांड में पेशी थी।
प्लान परमाल को कोर्ट पेशी में मारना था, लेकिन कोर्ट परिसर में पुलिस ज्यादा होने की वजह से शूटर परमाल को टारगेट नहीं कर सके। पेशी पर परमाल से मुलाकात करने के लिए उसका भाई राघवेन्द्र तोमर दोस्त अभिषेक तोमर के साथ आया था। राहुल के गुर्गे परमाल को टारगेट नहीं कर सके तो उसकी मैनपॉवर कमजोर करने के लिए भरोसेमंद साथी अभिषेक तोमर की हत्या की।
एेसे खुला राज
चश्मदीद राघवेन्द्र तोमर ने दुश्मनी रखने वाले पंकज सिकरवार, वीरू तोमर, रविन्द्र सिकरवार, ओमी राठौर, विजय, अमित भदौरिया और सोनू राठौर के नाम हत्या करने वालों में बताए थे, लेकिन एफआईआर होने के कुछ देर बाद मुखबिर ने पुलिस को बताया, अभिषेक की हत्या करने वाला गुंडा बंटी भदौरिया गुढ़ागुढ़ी का नाका पर जिगरी दोस्त पृथ्वीराज उर्फ राज चौहान के यहां दुबका है। टिप पर पृथ्वीराज को पकड़ा, लेकिन वह हत्या में इस्तेमाल ९ एमएम की पिस्टल, ३१५ बोर के कट््टे और बाइक को छिपाकर फरार हो चुका था। पूछताछ में उसने हत्या के अहम राज खोले। उसने ही शूटर बंटी के दुबके होने के ठिकाने का खुलासा तो उसे पकड़ा। हत्याकांड में राहुल राजावत, आनंद राठौर, विक्रम, गौरव राणा और गजेन्द्र की तलाश है।
राहुल राजावत: करीब चार साल पहले कांच मिल में दोहरे हत्याकांड का आरोपी, बाड़े पर रेडीमेड कपड़ों के शोरूम पर फायरिंग कर चुका है, सूदखोरी करता है। आपराधिक प्रवृति के लोगों को शरण देता है।
बंटी भदौरिया: सूदखोर राहुल का गुर्गा है। इससे पहले शिवपुरी में राहगीर से झगड़ा होने पर उस पर अंधाधुंध फायरिंग, पड़ाव में हत्या के प्रयास में फरार था।
आनंद राठौर: करीब ६ माह पहले नई सड़क से रात के वक्त कट्टे की नोंक पर दंपति से कार लूटी फिर शहर की सड़कों पर गोलियां चलाकर दहशत फैलाई। इस केस में पकड़े जाने पर जेल में था। छूटने पर अभिषेक की हत्या कर फरार।विक्रम और गौरव राणा: गैंगस्टर हरेन्द्र राणा के खास गुर्गों में शामिल हैं।
मास्टरमाइंड ने दिए थे ५-५ हजार रुपए
शूटर बंटी ने बताय, सरगना राहुल ने उससे और आनंद राठौर से परमाल की हत्या करने के लिए कहा था। चार शहर का नाका निवासी मीनू राठौर ने ९ एमएम की पिस्टल और राउंड दिए थे। एलआईसी तिराहे पर अभिषेक को रोककर सिर में गोलियां मारीं। हत्या के बाद राहुल ने उसे और आनंद राठौर को ५-५ हजार रुपए देकर अंडरग्राउंड होने के लिए कहा।
हत्या में नजदीकी
पुलिस का कहना है अभिषेक की हत्या में अभी और चेहरे सामने आना बाकी हैं। इनमें हत्याकांड का अहम किरदार अभिषेक तोमर का बेहद नजदीकी है। उसने ही राहुल राजावत के साथ अभिषेक की हत्या का प्लान बनाया था।
आरोपियों को क्लीन चिट नहीं
"हत्याकांड में राघवेन्द्र तोमर की शिकायत पर नामजद आरोपियों को क्लीन चिट नही दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हत्या का राजफाश करने वाली टीम को १० हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।"
डॉ. आशीष, एसपी