ग्वालियर. संक्रामक बीमारी मीजल्स (खसरा) एक बार फिर ग्वालियर शहर और आसपास के इलाकों दस्तक दे चुका है। जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) के पीडियाट्रिक वार्ड में मीजल्स के लक्षणों वाले 6 बच्चों को भर्ती किया गया है, जिनमें से एक 9 महीने की बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
ग्वालियर. संक्रामक बीमारी मीजल्स (खसरा) एक बार फिर ग्वालियर शहर और आसपास के इलाकों दस्तक दे चुका है। जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) के पीडियाट्रिक वार्ड में मीजल्स के लक्षणों वाले 6 बच्चों को भर्ती किया गया है, जिनमें से एक 9 महीने की बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और प्रभावित इलाकों में संपर्क ट्रेङ्क्षसग का काम शुरू कर दिया गया है। मीजल्स के लक्षण दिखने के बाद जेएएच में भर्ती 6 बच्चों में से एक साल से कम उम्र के दो बच्चे (इनमें 9 महीने की पॉजिटिव बच्ची शामिल) है। 2 से 5 साल की उम्र के दो बच्चे। 8 और 14 साल की उम्र के दो 2 बच्चे शामिल हैं। इनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। संक्रमण केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के इलाकों में भी फैल चुका है। भर्ती मरीज ग्वालियर के शंकरपुर, चंद्रवदनी नाका के अलावा चीनोर, भितरवार, टेकनपुर और धौलपुर जैसे क्षेत्रों से आए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की ङ्क्षचता बढ़ गई है कि यह वायरस कितनी तेजी से अलग-अलग जगहों पर अपने पैर पसार सकता है।
डॉक्टरों की चेतावनी: वायरल इन्फेक्शन, तुरंत इलाज जरूरी
जेआरएमसी के पीडियाट्रिक विभाग के एचओडी , डॉ. अजय गौड़ के अनुसार, मीजल्स एक वायरल इन्फेक्शन है जो बहुत तेजी से फैलता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बच्चों में जरा भी लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज में देरी न करें। समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की सर्वे टीम रवाना, खसरे के हर केस पर नजर
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में सर्वे के लिए रवाना हो चुकी हैं। सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि टीमों का मकसद न केवल अब तक के मरीजों का पता लगाना है, बल्किआसपास के क्षेत्रों में भी संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार दिलाना है।
तत्काल हरकत में आया स्वास्थ्य अमला
शंकरपुर निवासी 9 महीने की बच्ची में मीजल्स के खास लक्षण (कान के पीछे से शुरू होकर चेहरे व शरीर पर लाल चकत्ते, तेज बुखार, खांसी, जुकाम, आंखों से पानी आना) दिखे थे। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम एक्टिव हो गई है। अब इस बच्ची के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें आइसोलेट करने की कवायद शुरू की जा रही है।