ग्वालियर

आयुर्वेद चिकित्सालय में सौ सीट करने की तैयारी, इसके हिसाब से हॉस्टल होगा तैयार

अभी तक छात्र-छात्राओं के लिए चौबीस- चौबीस पलंग का है हॉस्टल

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आयुर्वेद चिकित्सालय में सौ सीट करने की तैयारी, इसके हिसाब से हॉस्टल होगा तैयार

ग्वालियर . अंचल का सबसे पुराना और पहला आयुर्वेद चिकित्सालय को अब नई पहचान मिलने जा रही है। यहां मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सौ सीट करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही यहां अध्यनरत छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए 100-100 पलंग क्षमता वाले हॉस्टल की योजना पर भी काम शुरू हो चुका है। यह कदम न सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करेगा, बल्कि ग्वालियर को आयुर्वेद के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में मददगार होगा। इससे आने वाले दिनों में मरीजों को भी काफी फायदा मिलेगा।


75 से बढकऱ अब जल्द होगी 100 सीट
आयुर्वेदिक चिकित्सालय की बढ़ती मांग को देखते हुए अभी हाल ही में 60 से 75 सीट की गई है। वहीं अब 100 सीट करने की प्लानिंग पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए हॉस्टल का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। जिस जगह यह बनना है। उसकी नपाई हो चुकी है। इसके लिए बहुत जल्द ही काम की शुरूआत होगी।


कोरोना काल के बाद बढ़ा भरोसा
कोरोना काल के बाद लोगों का भरोसा आयुर्वेद पर तेजी से बढ़ा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज तक आयुर्वेद ने अपनी उपयोगिता साबित की है। इसी बढ़ते विश्वास के चलते अब आयुर्वेद चिकित्सालय में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। यहां कोरोना से पहले हर दिन की ओपीडी 100 से 125 तक मरीज आते थे। वहीं अब यह बढकऱ 250 के आसपास हो गई है। यहां अंचल भर के मरीज इलाज के लिए आते है।

24-24 पलंग से बढकऱ होंगे 200 पलंग
चिकित्सालय में 24- 24 पलंग की सुविधा वर्षों पुरानी छात्र- छात्राओं के लिए है लेकिन छात्रों की कमी को देखते हुए 100- 100 पलंग जल्द ही होंगे। अभी 75 सीट में 5 सीट पर (एनआरआई कोटा) नेपाली छात्रों के लिए आरक्षित है। लेकिन अब 100 सीट होने से जल्द ही छात्रों की संख्या बढ़ जाएगी।


यह आ रही अभी परेशानी…

आयुर्वेद चिकित्सालय में पढऩे वाले नये छात्रों को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाती है। इन छात्रों को बाहर किराए से रूम लेकर रहना पड़ता था। इस तरह की परेशानी पिछले काफी समय से देखने में आ रही है। इसमें छात्राएं भी शामिल है। जिन्हें हॉस्टल में जगह नहीं मिल पाती है।


75 से बढकऱ 100 सीट करने की प्लानिंग की जा रही है। इसी के लिए अब सौ पलंग का हॉस्टल का काम शुरू होने जा रहा है। वहीं यहां पर नया ओपीडी ब्लॉक भी नया बन रहा है। वहीं आने वाले दिनों में एनाटॅामी और कैंटीन का काम भी शुरू होगा। इससे आने वाले समय में मरीजों को ज्यादा सुविधाएं मिल सकेगी।
डॉ केएल शर्मा, प्रभारी प्राचार्य शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय

Updated on:
20 Jan 2026 02:17 am
Published on:
20 Jan 2026 02:16 am
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