Medical Student से ठग लिए हजारों रुपए फिर ऊंट की बलि चढ़ाने मांगी रकम, तीन दिन में एक लाख रुपए रुपए गंवा दिए पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा तांत्रिक
ग्वालियर। तंत्र-मंत्र से परिवार को परेशानियों से मुक्ति दिलाने के चक्कर में मेडिकल छात्रा तांत्रिक के जाल में फंस गई। तीन दिन में एक लाख रुपए गंवा दिए। घर-परिवार के हालात तो नहीं बदले, उल्टा तांत्रिक ने धमकाया कि अगर ऊंट की बलि नहीं चढ़ाई गई तो उसका परिवार ही खत्म हो जाएगा। जब इसके लिए रकम का इंतजाम करने परिजन को सारा वाकया बताया तो उन्होंने पुलिस की मदद ली। पुलिस ने बलि के लिए रकम लेने आए तांत्रिक को दबोच लिया।
थाटीपुर निवासी पूर्वा (परिवर्तित नाम) मेडिकल की छात्रा है। वह सात दिन पहले कॉलेज के लिए टेम्पो में बैठी तो उसमें तांत्रिक सुल्तान बाबा का विजिटिंग कार्ड मिला। उसमें लिखा था, परिवार, नौकरी और जीवन की सभी तरह की बाधाओं का शर्तिया समाधान तंत्र साधना से किया जाता है। उसने अपने परिवार के हालात सुधारने के लिए कार्ड पर दिए मोबाइल नंबर पर कॉल किया।
मुलाकात की फीस 200 रुपए, तांत्रिक क्रिया का अलग चार्ज
सुल्तान ने हर समस्या के समाधान का दावा करते हुए कहा मुलाकात की फीस 200 रुपए है। इसके बाद जो तांत्रिक क्रिया होगी उसके लिए अलग खर्च होगा। सुल्तान ने उसे ऑफिस कृष्णा मॉल (रॉक्सी रोड) पर बुलाया कहा 8-10 रुपया साथ लेकर आना, हो सकता पहली पूजा में ही समस्या खत्म हो जाए। पूर्वा ने बताया सुल्तान ने पहले 38 हजार रुपए ऐंठ लिए। इससे कोई फायदा नहीं हुआ तो समस्या जटिल बताकर दोबारा 15 हजार रुपए ले लिए।
तंत्र शक्ति के लिए ऊंट की बलि चढ़ाने 89 हजार मांगे
सुल्तान बाबा ने कहा, समस्या को जड़ से खत्म करने अब तंत्र शक्ति का प्रयोग करना होगा। इसके लिए ऊंट की बलि चढ़ानी होगी। इस पर 89 हजार रुपए का खर्चा आएगा। 86 हजार रुपए में ऊंट मिलेगा, तीन हजार रुपया कल्लू कसाई मेहनताना लेगा। इसके बाद डर बताया कि अगर बलि नहीं दी तो तंत्र शक्ति उलटे पूर्वा और उसके परिवार को खत्म कर देगी। इससे घबराई पूर्वा ने 20 हजार रुपया नकद और 20 हजार ऑनलाइन सुल्तान बाबा के खाते में ट्रांसफर किए बाकी रकम का इंतजाम नहीं हुआ तो परिजन से मांगे।
परिवार ने पुलिस को बताया, पैसा देने बुला बाबा को दबोचा
परिजन को सारी बात मालूम चली तो उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। फिर पूर्वा और उसके परिजन ने तांत्रिक को बकाया रकम देने फूलबाग पर बुलाया। पड़ाव पुलिस को भी सूचना दे दी। सुल्तान पैसा वसूलने आया तो उसे परिजन और पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस का कहना है सुल्तान मेरठ (यूपी) का रहने वाला है। उसका आधार कार्ड मंगवाया, इससे जालसाज का असली नाम पता सामने आएगा। उसके रैकेट में कितने लोग शामिल हैं। शहर में अभी तक उसने कितने लोगों को ठगा है पता लगाया जा रहा है।
धोखाधड़ी के जाल में इस तरह फंस रहे
तांत्रिक, जालसाज और साइबर अपराधियों के चंगुल में फंसने वालों में पढ़े-लिखे लोग ज्यादा हैं। इसके पीछे जो वजह सामने आई हैं उनमें यह प्रमुख हैं:
- पारिवारिक समस्याएं
- मुफ्त का लालच देकर
- निवेश में मुनाफा बताकर
- बैंकिंग के नाम पर ओटीपी
- डेबिट-क्रेडिट कार्ड ब्लॉक
- रिवॉर्ड पॉइंट, चार्ज फ्री ऑप्शन
- बकाया बिल पर बिजली काटने
- अफसर का सस्ता नया सामान
- हनी ट्रेप, वीडियो कॉल, चैटिंग