ग्वालियर

छावनी क्षेत्र में मकानों का सर्वे होगा शुरू, 21.8 एकड़ के बदले देनी होगी जमीन

मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड के सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल करने का मामला, सांसद, कमाण्डर, कलेक्टर और निगम आयुक्त के बीच हुई बैठक

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morar Cantonment Board: मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड (morar Cantonment Board) के सिविल एरिया को नगर निगम (Municipal corporation) में शामिल करने के संबंध में सोमवार को सांसद भारत सिंह कुशवाह ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन, नगर निगम और छावनी बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की। दोपहर में मुरार छावनी में हुई बैठक में छावनी बोर्ड के अधिकारियों ने कलेक्टर और निगम अफसरों से कहा कि हमें 21.8 एकड़ जमीन के बदले जमीन चाहिए, इसके लिए प्रस्ताव भी बनाकर रक्षा मंत्रालय के पास भेजा जा चुका है। इस दौरान सांसद ने कहा कि छावनी क्षेत्र में सेना के हित सुरक्षित रहें और सिविल एरिया में रहने वाले लोगों को मुलभूत सुविधाएं मिलें, इसके लिए यहां पर बने मकान और दुकानों का सर्वे कर और 21.8 एकड़ जमीन के बदले जमीन देने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए।

अनुमति मिलते ही छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल कर आमजन को सुविधाएं मिल सकें। भाजपा जिला अध्यक्ष ग्रामीण प्रेम सिंह राजपूत, कलेक्टर रुचिका चौहान, छावनी क्षेत्र मुरार के स्टेशन कमाण्डर ब्रिगेडियर डीबी सिंह व कर्नल अमित शर्मा, निगम आयुक्त संघ प्रिय, छावनी बोर्ड के सीईओ आकाश शर्मा, अपर आयुक्त विजय राज व एसडीएम अशोक चौहान मौजूद रहे।


शामिल होने पर यह मिलेगा फायदा


मुरार छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया में वार्ड बनने के साथ सड़क, सीवर, पानी, एलईडी लाइट व भवन अनुमति मिल सकेगी। 256 कर्मचारियों के वेतन निगम देगा, सार्वजनिक शौचालय, सडक़ों की संख्या, अस्पताल, फायर स्टेशन, पंप टैक्टर व अन्य वाहन व निगम ऑफिस की संख्या बढ़ेगी, प्रधानमंत्री आवास, इंदिरा आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, अमृत योजना फेज-2 के तहत पानी व सीवर की लाइन डाली जाएगी, घर, दुकान व संस्थान के लिए लोन के साथ पंजीयन हो सकेंगे, 56 पेशनदारी को लाभ मिल सकेगा।


विलय होने से पहले ये कार्य होंगे

-मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड के सिविल एरिया को डी नोटिफाई किया जाएगा। इससे छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया की भूमि पर विकास कार्य में भविष्य में सेना कोई कार्य न रोके।

-विलय करने का पूरा प्लान नगरीय प्रशासन को भेजा जाएगा और वहां से प्लान रक्षा मंत्रालय को जाएगा।

-रक्षामंत्रालय की अनुमति मिलते ही एमआईसी व परिषद में पास होने के बाद निगम में शामिल किया जाएगा।

-वार्ड बनने के बाद निगम विकास कार्य करेगा।

Updated on:
11 Mar 2025 03:41 pm
Published on:
04 Mar 2025 01:20 pm
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