करंट से हाथ गंवाने के बाद बेटे के बेरोजगार होने से परेशान परिवार रविवार को आत्महत्या करने रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया।
ग्वालियर/मुरैना। करंट से हाथ गंवाने के बाद बेटे के बेरोजगार होने से परेशान परिवार रविवार को आत्महत्या करने रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों की समय रहते नजर पड़ गई, जिससे मां-बेटे को समझाकर पटरी से हटाया। घटना रविवार को सुबह साढ़े आठ बजे की है। पांच साल से बेरोजगार हुए बेटे को दुकान मालिक और प्रशासन, कहीं से भी कोई मदद नहीं मिलने से परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
सोनू खान (20) पुत्र वशीर खान निवासी कब्रिस्तान के पास, स्टेशन रोड स्थित इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान पर सफाई का कार्य करता है। वर्ष 2012 में एक दिन दुकानदार ने महामाया मंदिर के पास बिजली के खंभे पर होर्डिंग्स लगाने सोनू को भेजा था। उस दौरान करंट की चपेट में आने से सोनू का एक हाथ बेकार हो गया। दूसरा हाथ भी बेकार है। ऐसे में उस समय दुकानदार ने मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में दुकानदार ने कोई मदद नहीं की।
सोनू खान ने अपनी मां बानो बेगम के साथ कई बार जनसुनवाई में आवेदन देकर आर्थिक मदद की गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन ने भी कोई मदद नहीं की। परिवार में सोनू खान ही था, जो कमाने वाला था, बड़ा भाई रिक्शा चलाता है, उसकी भी कोई खास आमदनी नहीं है। इसलिए सोनू खान का हाथ कटने से परिवार रोजी-रोटी के लिए मोहताज हो गया।
कहीं से मदद की आस नहीं दिखी तो मां-बेटे टूट गए और आत्महत्या का मन बना लिया। सुबह रेल की पटरी पर टे्रन से कटकर जान देने पहुंच गए। लोगों को टे्रन आती दिखी, उधर पटरी पर मां-बेटे को खड़ा देखा तो दौड़कर कुछ लोगों ने उनको हटाया। वह हटने को तैयार नहीं थे, लेकिन बड़ी मुश्किल से समझाया तब कहीं उनकी समझ में आया और लोग उनको घर तक करके आए।