
ग्वालियर. पंजीयन विभाग में पक्षकारों को दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए फेसलेस सेवा की शुरुआत की गई है। अनुबंध पत्र, किरायानामा और जीडीए, हाउङ्क्षसग बोर्ड, नगर निगम व सरकारी विभाग की सेल डीड के बाद अब जिले में संपत्ति मॉर्गेज की व्यवस्था भी पूरी तरह फेसलेस हो चुकी है। इस नई व्यवस्था से बैंक या पक्षकार घर बैठे ही संपत्ति का मॉर्गेज कर सकते हैं और उन्हें पंजीयन कार्यालय आने की कोई जरूरत नहीं रह गई है लेकिन राहत के साथ ही विभाग के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है।
मॉर्गेज व्यवस्था फेसलेस होते ही अचानक दस्तावेजों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। लोड बढऩे के कारण सर्वर हैंग होने लगा है और पेंडेंसी (वेङ्क्षटग) लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ते दबाव से निपटने और दस्तावेजों के समय पर निपटारे के लिए विभाग को अब तीन अतिरिक्त उप-पंजीयकों की सख्त दरकार है।
जिले में हर साल 15 हजार से अधिक संपत्तियों का मॉर्गेज होता है। इससे पहले तक इन सभी पक्षकारों और बैंक प्रतिनिधियों को कागजी कार्रवाई और पंजीयन के लिए अनिवार्य रूप से कार्यालय आना पड़ता था, जिससे परिसरों में भारी भीड़ उमड़ती थी। विभाग ने जनता की सहूलियत के लिए सेल डीड और वसीयत जैसे मुख्य दस्तावेजों को छोडकऱ बाकी सभी सेवाओं को फेसलेस श्रेणी में डाल दिया है। व्यवस्था ऑनलाइन होने से लोगों को दफ्तर से तो मुक्ति मिल गई।
मॉर्गेज की व्यवस्था भी फेसलेस की गई है। इस कारण साइबर पंजीयन कार्यालय पर दबाव बढ़ा है। भोपाल में तीन उप पंजीयक बढ़ाए जा रहे हैं। इससे व्यवस्था आसान हो जाएगी। पक्षकारों की परेशानी को देखते हुए भौतिक रूप से भी मॉर्गेज की सुविधा दी है।
अशोक शर्मा, जिला पंजीयक