कल 1 मार्च से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षा से प्रदेशभर के करीब सात हजार छात्र वंचित रह जाएंगे। यह वे छात्र हैं जिन्होंने रुक जाना नहीं कार्यक्रम के
ग्वालियर। कल 1 मार्च से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षा से प्रदेशभर के करीब सात हजार छात्र वंचित रह जाएंगे। यह वे छात्र हैं जिन्होंने रुक जाना नहीं कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद से दसवीं की पूरक परीक्षा पास की। रिजल्ट एक माह लेट आने से वे मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रवेश कार्ड ऑन लाइन अपलोड न करते हुए प्रवेश प्रक्रिया निरस्त कर दी।
दो साल पहले दसवीं के फेल छात्रों में नई उमंग भरते हुए सरकार ने राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद से पढ़ाई जारी रखते हुए परीक्षा कराई। इस परीक्षा में एक या दो विषय में फेल हो गए। ऐसे सात हजार छात्रों की पुन: पूरक परीक्षा ली गई। छात्रों को एक साल घर बैठाकर 2017-18 में प्रायवेट प्रवेश लेने की सलाह दी गई। इन छात्रों ने ऑन लाइन फार्म भर १२वीं की तैयारी की। जब प्रवेश कार्ड लेने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तो उनसे प्रवेश कार्ड न आने की बात कर्ही। जिले में 60 छात्र इससे वंचित हो रहे हैं।
यह है नियम
नियमानुसार प्रवेश सत्र अर्थात 12 अगस्त 17 तक जिन छात्रों ने प्रवेश लिया है। एेसे छात्रों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति है। दूसरी मंडल से पास छात्रोंं को प्रवेश प्रक्रिया के तहत ही निर्धारित प्रवेश सत्र की तारीख तक प्रवेश लेना होता है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के निमयानुसार इन छात्रों ने लेट ऑन लाइन प्राइवेट प्रवेश लिया है। यह किसी परीक्षा केंद्र पर संपर्क कर लेते तो जानकारी हो जाती।
आरपी बरैया, संभागीय अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा मंडल
कैलकुलेशन का रखें ध्यान
ग्वालियर। कॉस्ट एकांउग के एग्जाम को स्टूडेंट्स रिलेक्स माइंड से दें। हड़बड़ाहट में कैलकुलेशन में गड़बड़ हो सकती है। समय पर एग्जाम हॉल में पहुंचें। अगर देरी से पहुंचेंगे तो टाइम मैनेजमेंट करने में दिक्कत होगी। लिमिटेड टाइम होता है, जिसमें आपको डाटा एंट्री शीट भी रेडी करना होती है।
एकाउंट एक्सपर्ट राजेश धमानी बताते हैं कि माक्र्स के अनुसार ही क्वेश्चन का आंसर दें। टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखें। सीबीएसई बोर्ड का एग्जाम 8 मार्च को होना है। समय कम है, जितना हो सके स्टूडेंट्स प्रैक्टिस करें।
ये रहेगा नया पैटर्न
एकाउंट का एग्जाम 100 माक्र्स का होता है। अच्छे माक्र्स स्कोर करने के लिए एकांउट में शयेर, डिवेंचर जैसे चेप्टर स्कोर करने में मदद करेंगे, उन्हें बिल्कुल रेडी करके रखें। १ माक्र्स के क्वेश्चन में सिर्फ ३ लाइन से ज्यादा न लिखें। जितना पूछा है उतना ही लिखें, ज्यादा लिखने और पेज भरने के पीछे न भागें।
सैम्पल पेपर की तरह ही एग्जाम का पैटर्न होता है। स्टूडेंट्स लास्ट ईयर के सैम्पल पेपर लाएं, कुछ क्वेश्चन जो महत्वपूर्ण होते हैं, वह बार-बार आते हैं, एेसे क्वेश्चन पर फोकस रखें। उनका समय-समय पर रिवीजन करते रहें।
स्पीड मैंटेन करके पेपर सोल्व करें। एेसे क्वेश्चन जो आपको पूरी तरह आते हैं, उन्हे पहले करें। अभी एकाउंट के पेपर के लिए समय है, इसलिए अभी से स्टूडेंट घर पर स्पीड और टाइम तय करके सैम्पल पेपर सोल्व करना शुरू कर दें।
सबसे पहले ठंडे दिमाग से क्वेश्चन पेपर को रीड करें, उसके बाद पेपर को सोल्व करना शुरू करें। क्योंकि हड़बड़ाहट में स्टूडेंट पूरा पेपर आते हुए भी भूल जाते हैं, और क्वेश्चन छूट जाते हंै।