MP Fake College Case: शिवशक्ति कॉलेज झुंडपुरा कॉलेज का फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद एमपी उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए एमपी के सभी निजी कॉलेजों के भौतिक निरीक्षण के आदेश, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट.
MP Fake College Case: शिवशक्ति कॉलेज झुंडपुरा (Jhuhndpura College Case) के 14 साल तक कागजों में संचालित होने का खुलासा होने के बाद अब प्रदेशभर में संचालित निजी कॉलेजों (Private Colleges in MP) का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा ने सभी अग्रणी शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य को पत्र जारी किया गया है। पत्र की एक-एक कॉपी मंत्री उच्च शिक्षा विभाग, अतिरिक्त संचालक सभी क्षेत्रीय कार्यालय, कुल सचिव जेयू व प्राचार्य को भेजी गई है।
विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि जिले में पूर्व से संचालित तथा प्रस्तावित नवीन अशासकीय महाविद्यालय का भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) शासकीय महाविद्यालय में पदस्थ दो नियमित शिक्षकों की समिति गठित कर भौतिक निरीक्षण कराकर निरीक्षण प्रतिवेदन संबंधित अतिरिक्त संचालक को प्रस्तुत कर प्रतिलिपि कार्यालय को भी प्रस्तुत करने के लिए लिखा गया था। लेकिन आज तक उसकी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है, इसलिए जिले में पूर्व से संचालित तथा प्रस्तावित नवीन अशासकीय महाविद्यालय का भौतिक निरीक्षण कर निरीक्षण प्रतिवेदन सात दिन में संबद्धता शाखा के ई मेल पर उपलब्ध कराया जाए।
झुंडपुरा कॉलेज को फर्जी तरीके से संचालित करने के मामले में जीवाजी विवि कुलगुरु प्रो अविनाश तिवारी सहित 18 प्रोफेसर पर ईओडब्ल्यू द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद एनएसयूआई, एबीवीपी व ईसी मेंबरों की लगातार मांग के चलते विवि में धारा 52 लगाई जा सकती है। इसकी फाइल शासन के पास अटकी हुई है। वहीं सूत्रों का कहना है कि कुलगुरु भोपाल आए थे, लेकिन उन्हें उच्च शिक्षा मंत्री और राज्यपाल ने मिलने का समय नहीं दिया है। मंत्री से मिलने वह बंगले व मंत्रालय भी पहुंचे, लेकिन वहां पर भी कोई चर्चा नहीं हो पाई है।
झुंडपुरा कॉलेज को कागजों (MP Fake College) में संचालित करने का खुलासा करने वाले डॉ अरुण शर्मा ने सोमवार को कलेक्टर रुचिका चौहान को ज्ञापन दिया। अरुण ने कलेक्टर को बताया कि कॉलेजों की जांच के लिए गठित कमेटी अभी तक सभी कॉलेजों की जांच कर चुके हैं, लेकिन मुरार एसडीएम अशोक चौहान ने 52 में से सिर्फ 8 कॉलेजों की ही जांच की है। चूंकि अशोक जेयू कुलसचिव अरुण चौहान के बड़े भाई है, इसलिए वह जांच नहीं करना चाहते है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि एसडीएम अशोक चौहान की जगह किसी दूसरे एसडीएम से बाकी 44 कॉलेजों की जांच कराई जाए।