ग्वालियर

एमपी के इस शहर में सरकारी जमीन हड़पने के लिए कर दिए कलेक्टर के फर्जी साइन, ऐसे हुआ खुलासा

MP News: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कलेक्टर का साइन करके सरकारी जमीन पर कब्जा करने का मामला सामने आया है।

less than 1 minute read

MP News: मध्यप्रदेश में भू-मफियाओं का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ग्वालियर में भू-मफियाओं के द्वारा कलेक्टर रुचिका चौहान के फर्जी साइन करके 20 बीघा सरकारी जमीन हड़पने की साजिश रची गई थी, लेकिन पटवारी की सूझबूझ के चलते इस मामले का खुलासा हो गया और साजिश नाकाम हो गई।

दरअसल, पूरा मामला ग्राम जिरेना का बताया जा रहा है। यहां पर पटवारी को आदेश में लिखी गई भाषा से शुरु हुआ था। आदेश में प्रकरण क्रमांक 0216/ बी 121/24-25 की जांच जब आरसीएमएस पोर्टल से की गई, तो उसमें प्रताप सिंह और गब्बर सिंह का नाम नहीं था। बल्कि मैसर्स आधुनिक डेवलपर्स भागीदार फर्म जरें राजेंद्र सेठ का नाम लिखा था।

इस आदेश को 31 दिसंबर 2024 को पारित किया जा चुका था। कलेक्टर के रीडर गोयल के द्वारा पुलिस को जानकारी दी गई कि यह फर्जी आदेश है। इसमें ऐसी भाषा का प्रयोग किया गया है। जो कि न्यायालीन कार्यों में प्रयोग नहीं की जाती है। फर्जी आदेश में 20 दिसंबर ऊपर और नीचे 25 दिसंबर 2024 तारीख लिखी थी। इसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

कलेक्टर के साइन वाला फर्जी पत्र जांच के लिए भेजा


हालांकि, कलेक्टर के रीडर लोकेश गोयल द्वारा फर्जी हस्ताक्षर वाला पत्र जांच के लिए सौंपा है। जिसमें आदेश के वायरल होने का जिक्र भी किया गया है। पुलिस ने मामला भी मामला दर्ज कर लिया है। रीडर ने बताया कि सरकारी जमीन को हड़पने के लिए प्रताप सिंह, गब्बर सिंह पुत्र मूलचंद माहौर ने कई अन्य लोगों से सांठगांठ कर न्यायालयीन प्रकरण का जिक्र भी फर्जी आदेश में किया गया है।

Published on:
16 Feb 2025 07:00 pm
Also Read
View All

अगली खबर