ग्वालियर

मुंडन संस्कार के बाद पीतांबर पहन कान्हा बने 72 नौनिहाल

छोटे-छोटे बच्चे पीतांबर धारण किए हुए भगवान झूलेलाल मंदिर में यशोदानंदन कान्हा के प्रतिरूप दिखाई दे रहे थे और उनके अभिभावकों के मन में खुशी थी कि उनके बालक दशहरे के शुभ अवसर पर अपना मुंडन कराकर संस्कारों की पाठशाला मेंं कदम रख चुके हैं। यह दृश्य दानाओली स्थित झूलेलाल मंदिर में दिखाई दिया, जहां पूज्य सिंध हिन्दू जनरल पंचायत ने 26वें सामूहिक मुंडन संस्कार का आयोजन किया था। दशहरे के दिन 72 बच्चों का मुंडन किया गया। बच्चों को नहाने के लिए गुनगुने पानी की व्यवस्था भी की गई, तत्पश्चात परंपरा अनुसार मुल्तानी मिट्टी एवं बच्चों के सिर पर मक्खन लगाने की व्यवस्था की गई।
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छोटे-छोटे बच्चे पीतांबर धारण किए हुए भगवान झूलेलाल मंदिर में यशोदानंदन कान्हा के प्रतिरूप दिखाई दे रहे थे और उनके अभिभावकों के मन में खुशी थी कि उनके बालक दशहरे के शुभ अवसर पर अपना मुंडन कराकर संस्कारों की पाठशाला मेंं कदम रख चुके हैं। यह दृश्य दानाओली स्थित झूलेलाल मंदिर में दिखाई दिया, जहां पूज्य सिंध हिन्दू जनरल पंचायत ने 26वें सामूहिक मुंडन संस्कार का आयोजन किया था। दशहरे के दिन 72 बच्चों का मुंडन किया गया।
सिंधी समाज के मुंडन संस्कार कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों का मुंडन किया गया।
  • दानाओली के झूलेलाल मंदिर में पूज्य सिंध हिन्दू जनरल पंचायत का 26वां सामूहिक मुंडन संस्कार, हरिद्वार के गंगाजल से स्नान और बांके बिहारी मंदिर से लाए पीतांबर पहनकर सजे नन्हे बाल गोपाल

ग्वालियर. छोटे-छोटे बच्चे पीतांबर धारण किए हुए भगवान झूलेलाल मंदिर में यशोदानंदन कान्हा के प्रतिरूप दिखाई दे रहे थे और उनके अभिभावकों के मन में खुशी थी कि उनके बालक दशहरे के शुभ अवसर पर अपना मुंडन कराकर संस्कारों की पाठशाला मेंं कदम रख चुके हैं। यह दृश्य दानाओली स्थित झूलेलाल मंदिर में दिखाई दिया, जहां पूज्य सिंध हिन्दू जनरल पंचायत ने 26वें सामूहिक मुंडन संस्कार का आयोजन किया था। दशहरे के दिन 72 बच्चों का मुंडन किया गया। बच्चों को नहाने के लिए गुनगुने पानी की व्यवस्था भी की गई, तत्पश्चात परंपरा अनुसार मुल्तानी मिट्टी एवं बच्चों के सिर पर मक्खन लगाने की व्यवस्था की गई। अधिकांशत: बच्चे 1 वर्ष से कम आयु के थे क्योंकि परंपरानुसार बच्चे का प्रथम मुंडन दशहरे पर ही होता है। कार्यक्रम संयोजक पं.अनिल शर्मा व मीडिया प्रभारी अमर माखीजा ने बताया कि बच्चों को आशीर्वाद देने के लिए धर्मपुरी, निजधाम आश्रम, प्रेमप्रकाश आश्रम, वैकुण्ठ आश्रम, बाबा गरीबदास आश्रम के संतगण एवं सेवाधारी उपस्थित रहे।

ऐसेे हुआ मुंडन संस्कार
पूज्य सिंध हिन्दू जनरल पंचायत के अध्यक्ष जय जयसिंघानी एवं पंगति सुधार कमेटी के चेयरमैन संतोष वाधवानी ने बताया कि मुंडन के बाद बच्चों को हरिद्वार से लाए गंगाजल से स्नान कराने के बाद उन्हें वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से पूजा के उपरांत लाए गए पीतांबर वस्त्र पहनाएं गए। बच्चों को पीतांबर वस्त्र के साथ कमरबंद, मोतियों की माला, मुरली व मुकुट प्रदान किए गए। वस्त्र पहनने के बाद बच्चे श्रीकृष्ण के रूप सुसज्जित लग रहे थे। कार्यक्रम में शामिल होने आए बच्चों को पंचायत की ओर से तौलिया, भोजन, नानखटाई के पैकेट आदि वितरित किए गए। इस दौरान बैंड व ढोल-तासे भी बजाए गए।

Updated on:
21 Oct 2026 11:14 am
Published on:
21 Oct 2026 11:14 am