अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिस तरह से कहीं भी होर्डिंग लगे हैं, पोस्टर टंगे हैं उससे फिर कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
ग्वालियर। शहर में लगे अवैध होर्डिंग आम लोगों के लिए खतरा बन गए हैं, लेकिन नगर निगम अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। हाल यह है कि स्कूटी सवार पर अवैध होर्डिंग गिरने के तीन दिन बाद भी अधिकारी नहीं चेते हैं। अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिस तरह से कहीं भी होर्डिंग लगे हैं, पोस्टर टंगे हैं उससे फिर कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
हाईकोर्ट के आदेश भी बेअसर
शहर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ जनहित याचिका मेंसुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निगम अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इन्हें हटाने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने जब याचिकाकर्ता से अवैध होर्डिंग के फोटो खींचने के लिए कहा तो उन्होंने 250 से अधिक फोटो हाईकोर्ट में पेश किए थे। यह फोटो शहर के मुख्य मार्गों के थे, अगर पूरे शहर की बात की जाए तो इनकी संख्या काफी अधिक है। इसके बावजूद निगम ने इन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं की।
समिति की रिपोर्ट पर नहीं हुई कार्रवाई
नगर निगम परिषद की बैठक में भी अवैध होर्डिंग का मामला उठा था। इसकी जांच के लिए समिति बनाई गई थी। जांच में कई होर्डिंग परमिशन से अधिक साइज के थे, तो कुछ एक तरफ की परमिशन पर दोनों तरफ विज्ञापन कर रहे थे। समिति ने अपनी रिपोर्ट परिषद में रखकर मामले में कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नहीं हटाए इलेक्ट्रॉनिक होर्डिंग
शहर में नगर निगम ने पोल पर इलेक्ट्रॉनिक छोटे होर्डिंग भी लगाए हैं, जिनके माध्यम से विज्ञापन किया जाता है। शनिवार को इसी तरह का एक होर्डिंग स्कूटी सवार पर गिर गया था, जिससे वह घायल हो गया था। इसके बावजूद निगम ने इस तरह के होर्डिंग हटाने की कार्रवाई नहीं की। हादसे की जिम्मेदारी निगम की शहर में अगर सडक़ पर गड्ढे के कारण कोई हादसा हो या होर्डिंग के कारण हादसो इसमें सीधे तौर पर जिम्मेदारी नगर निगम की है। अगर हादसे को लेकर कोई कार्रवाई की जाए तो निगम को भी इसमें पार्टी बनाया जा सकता है।
कार्रवाई की जा रही है
अवैध होर्डिंग पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जहां भी जानकारी मिलती है हम होर्डिंग हटाने की कार्रवाई करते हैं। इसमें कोई कर्मचारी लापरवाही बरतेगा तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
अनिल दुबे, उपायुक्त राजस्व