ग्वालियर नगर निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) ने कोई सबक नहीं लिया
इंदौर की घटना के बाद भी ग्वालियर नगर निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) ने कोई सबक नहीं लिया है। शहर में करोड़ों लोगों की सेहत से सीधे खिलवाड़ किया जा रहा है। रविवार को पत्रिका टीम द्वारा किए गए मौके निरीक्षण में पेयजल सप्लाई टंकियों पर ऐसी लापरवाही सामने आई, जिसने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी। कलेक्टर के आदेश बाद रविवार को अधिकारी टंकियों की जांच करने नहीं गए अब दावा कर रहे है कि सोमवार से सफाई करने जाएंगे। पत्रिका टीम जब सत्यनारायण टंकी, ईदगाह टंकी, कंपू टंकी, लक्ष्मण तलैया और थाटीपुर टंकी पर पहुंची तो न सुरक्षा गार्ड नजर आया, न कोई कर्मचारी। अधिकांश टंकियों के आसपास गंदगी के ढेर पड़े थे, कुछ जगहों पर तो कचरा सीधे टंकी के अंदर तक भरा मिला। सबसे खतरनाक स्थिति सत्यनारायण टंकी पर दिखी, जहां ढक्कन आधे खुले हुए थे, जिससे मलबा, कीड़े-मकोड़े और •ाहरीले तत्व पानी में घुस सकते हैं। ईदगाह टंकी के पास आपत्तिजनक सामग्री पड़ी मिली, जो सुरक्षा और स्वच्छता दोनों पर बड़ा सवाल है। चौंकाने वाला तथ्य यह भी है कि चारों विधानसभा क्षेत्रों में मौजूद 104 टंकियों की सफाई वर्षों से नहीं हुई, यानी शहर की जनता वही गंदा, दूषित पानी पीने को मजबूर है, और विभाग कागजी रिपोर्टों में स्वच्छ पानी बांटने का दावा कर रहा है।
ये हाल है टंकियों की
लक्ष्मण तलैया टंकी (9 लाख लीटर, 1989 निर्मित)
सात साल से सफाई नहीं, परिसर में गंदगी, सीढिय़ों पर ताला, कोई कर्मचारी मौजूद नहीं।
सत्यनारायण टंकी (30 लाख लीटर, लागत 2.20 करोड़)
अंदर-बाहर गंदगी, ढक्कन टूटे, पांच साल से सफाई नहीं। कई मोहल्लों को होती है सप्लाई।
निम्बाजी की खो टंकी (11 लाख लीटर)
गंदगी व बदइंतजामी, आखिरी सफाई पांच साल पहले।
अवाड़पुरा टंकी : परिसर गंदा, गार्ड नदारद लोगों के अनुसार कई बार अनुपस्थित। चार साल पहले सफाई हुई थी।
ईदगाह कंपू टंकी : टंकी में और आसपास गंदगी व आपत्तिजनक सामग्री, कोई सूचना बोर्ड नहीं, आठ साल से सफाई नहीं।
थाटीपुर टंकी : बोर्ड गायब, परिसर में कचरा, स्थानीयों का आरोप, गार्ड-इंजीनियर आते-जाते रहते हैं; सफाई तीन साल पहले ही हुई थी
कलेक्टर के निर्देश
क्लोरीनेशन और सैंपङ्क्षलग तुरंत शुरू करें
कलेक्टर ने सभी क्षेत्रों में पेयजल सैंपङ्क्षलग, प्रयोगशाला परीक्षण और ट््यूबवेल सप्लाई वाले क्षेत्रों में नियमित क्लोरीनेशन सोमवार से शुरू कराने के निर्देश दिए। छात्रावासों के फिल्टर बदले, जलस्रोतों की जांच और पेयजल लाइनों का निरीक्षण अनिवार्य किया गया है।
सीएम हेल्पलाइन व निगम कंट्रोल रूम की शिकायतों का तत्काल निराकरण करने को कहा।
हर नागरिक को मिले शुद्ध पानी : प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अधिकारियों से कहा कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति की निरंतर मॉनिटङ्क्षरग की जाए, शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो और अस्पतालों में मरीज-परिजनों को साफ पानी उपलब्ध कराया जाए। आयुक्त को अमले के साथ नियमित फील्ड भ्रमण के निर्देश दिए गए।
तीन टंकियों की सफाई आज से, अन्य के लिए शेड्यूल तैयार :
कार्यपालन यंत्री संजय कुमार गुप्ता ने बताया, सोमवार को वार्ड 28 बजरिया टंकी, वार्ड 32 गांधी नगर टंकी, वार्ड 44 हुजरात कोतवाली टंकी की सफाई कराई जाएगी। बाकी टंकियों के लिए शेड्यूल बनाकर सफाई अभियान चलाया जाएगा। साथ ही क्लोरीन डालने का काम भी आज से शुरू किया जा रहा है।
लाइनें एक ही जगह से कलेक्टर ने जताई नाराजगी, शिङ्क्षफ्टग के आदेश
शिकायत मिलने पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव के साथ वार्ड 23, सुरेश नगर शासकीय मल्टी का निरीक्षण किया। यहां पानी और सीवर की लाइन एक ही स्थान से गुजरती हुई पाई गई, जिसे देखकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और तुरंत पानी की लाइन शिफ्ट करने के निर्देश दिए। यह स्थिति साफ बताती है कि लापरवाही सिर्फ टंकियों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जल वितरण सिस्टम में गहरी जड़ें जमाए हुए है।
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण, जांच कराई
अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने जलालपुर स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर क्लोरिनेशन, फिल्ट्रेशन और सप्लाई प्रक्रिया की समीक्षा की। इस दौरान उनके सामने ही एक पानी का सैंपल लेकर जांच कराई गई और आगे व्यापक जांच के निर्देश दिए गए।
दबाव बढ़ा तो बनाई कंट्रोल रूम व्यवस्था
शहर में गंदे और दूषित पेयजल को लेकर बढ़ती शिकायतों के बाद आखिरकार नगर निगम हरकत में आया और स्मार्ट सिटी मोतीमहल में शिकायत कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया। नागरिक 0751-2646624 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। कंट्रोल रूम प्रभारी ब्रह्मकिशोर शर्मा और सहयोगी विनोद सिंह सीएम हेल्पलाइन से मिलने वाली शिकायतों को संबंधित सहायक यंत्री, उपयंत्री (जलप्रदाय/सीवर) और क्षेत्राधिकारी को तुरंत भेजेंगे, ताकि शिकायतों का तत्काल निराकरण हो सके।