
बैक्टीरिया न पनपे, शहर के 125 बोरवेल तत्काल बंद करने के निर्देश, नगरीय प्रशासन आयुक्त व ईएनसी ने ली नगर निगम कार्यों की समीक्षा
शहर की 108 सड़कों की खराब स्थिति जानकर नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत एस. भोंडवे ने कहा कि खराब सड़क बनाई तो एजेंसी से ही उसकी कीमत की भरपाई कराई जाए। फिलहाल जर्जर सड़कों को ठीक करने के लिए विशेष बजट से ग्वालियर को 100 करोड़ की राशि दी जाएगी। उन्होंने 44 सडक़ों की डीपीआर बनाकर 15 दिन में भेजने के निर्देश निगमायुक्त को दिए हैं। उन्होंने कहा कि सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कें उच्च गुणवत्ता की हों और कम से कम 50 वर्ष तक टिकाऊ रहें। यदि कोई एजेंसी सड़क को नुकसान पहुंचाती है तो उसकी लैब से गुणवत्ता जांच भी कराई जाए। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत एस. भोंडवे शनिवार को भोपाल से वर्चुअल बैठक में जुड़े थे। वहीं शहर में चिह्नित 125 बोरवेल तत्काल बंद कर उनके बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश भी दिए हैं। क्योंकि बोेरवेल में ही बैक्टीरिया ज्यादा पनपता है। शनिवार रात 8 से 10 बजे तक बालभवन में आयोजित समीक्षा बैठक में इंजीनियर-इन-चीफ (ईएनसी) प्रदीप मिश्रा ने नगर निगम के सड़क, सीवर, विद्युत, जनकार्य, कचरा प्रबंधन सहित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों और समय-सीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं। ईएनसी ने कहा कि सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जाए, ताकि नागरिकों को मजबूत और टिकाऊ सड़कें मिल सकें। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों की सतत मॉनिटरिंग, निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण और लंबित कार्यों को समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही जहां-जहां पानी की लाइन खराब है, वहां नई लाइन डालने के प्रस्ताव शासन को भेजने और सीवर संबंधी समस्याओं का तय समय सीमा में समाधान करने के लिए कहा गया।
इंजीनियरों को भी दें वसूली की जिम्मेदारी
अधिकारियों ने कहा कि संपत्तिकर, जलकर और अन्य राजस्व करों की वसूली हर हाल में तय लक्ष्य के अनुसार पूरी की जाए। इसके लिए राजस्व अमले के साथ-साथ इंजीनियरों को भी फील्ड में जिम्मेदारी दी जाए। वसूली में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
ईएनसी ने कहा कि नगर विकास से जुड़े कार्य सीधे आमजन के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए इन कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। योजनाओं का क्रियान्वयन नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रभावी ढंग से किया जाए।
ये भी दिए गए निर्देश