अपर आयुक्त को भी विधानसभा वाइज सौंपी जिम्मेदारी शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंक दिलाने के लिए नगर निगम ने अब जमीनी स्तर पर बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। हर वार्ड की निगरानी के लिए सोमवार को निगमायुक्त संघ प्रिय ने वार्डों के लिए 66 वार्ड मॉनिटर नियुक्त किए हैं, जो रोज […]
अपर आयुक्त को भी विधानसभा वाइज सौंपी जिम्मेदारी
शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंक दिलाने के लिए नगर निगम ने अब जमीनी स्तर पर बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। हर वार्ड की निगरानी के लिए सोमवार को निगमायुक्त संघ प्रिय ने वार्डों के लिए 66 वार्ड मॉनिटर नियुक्त किए हैं, जो रोज सुबह तय समय पर क्षेत्र में उतरकर सफाई व्यवस्था का जायजा लेंगे। साथ ही अपर आयुक्त टी प्रतीक राव को पूर्व विधानसभा, मुनीश सिकरवार को दक्षिण व ग्रामीण और प्रदीप तोमर को ग्वालियर विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी है। आयुक्त की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सभी वार्ड मॉनिटर को सुबह 7 से 9 बजे तक अनिवार्य रूप से फील्ड में रहना होगा और सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण व अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करनी होगी। नगर निगम की यह नई व्यवस्था सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम है और इससे शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पर फोकस
हर वार्ड में सुबह 7:30 बजे से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शुरू हो जाए और यह नियमित रूप से हो। यदि किसी वाहन में खराबी आती है या समय पर नहीं पहुंचता, तो तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
जियो-टैगिंग और रोजाना रिपोर्ट अनिवार्य
सिर्फ निरीक्षण ही नहीं, बल्कि हर वार्ड मॉनिटर को अपने कार्यों की जियो-टैगिंग फोटो अपलोड करनी होगी और दैनिक रिपोर्ट ऑनलाइन गूगल फॉर्म के जरिए भेजनी होगी। इससे काम की पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी।
कचरा न रहे, डस्टबिन जरूरी
वार्ड में कहीं भी कचरे के ढेर नहीं होने चाहिए,आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में पर्याप्त डस्टबिन उपलब्ध हों, कचरा संग्रहण नियमित और अलग-अलग श्रेणियों में किया जाए
सफाई मित्रों की उपस्थिति भी होगी चेक
वार्ड मॉनिटर को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर दिन सुबह सफाई मित्रों की उपस्थिति का सत्यापन करें और यह सुनिश्चित करें कि वे निर्धारित बीट के अनुसार कार्य कर रहे हैं।
दो बार सफाई, सार्वजनिक शौचालयों पर भी नजर
व्यावसायिक क्षेत्रों में दिन में दो बार सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की बेहतर व्यवस्था और हर वार्ड में सौंदर्यीकरण के कार्य भी मॉनिटर की जिम्मेदारी में शामिल किए गए हैं।