केन्द्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया होंगे शामिल
ग्वालियर. भारत में खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े इकोसिस्टम को एकीकृत करने की दिशा में एक बड़ी पहल ग्वालियर से होने जा रही है। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) में 23 और 24 जनवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ‘सेतु 2026 – स्पोर्ट्स इकोसिस्टम फॉर ट्रेनिंग अपग्रेडेशन’ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव के पैट्रन-इन-चीफ केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया होंगे। पैट्रन के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री युवा कार्य एवं खेल एवं रक्षा निखिल खडसे, जबकि को-पैट्रन के रूप में सचिव (खेल) एवं महानिदेशक, भारतीय खेल प्राधिकरण हरि रंजन राव (आईएएस) कार्यक्रम में शामिल होंगे। कॉन्क्लेव की संयोजक एलएनआईपीई की कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा और सह-संयोजक कुलसचिव डॉ. यतेंद्र कुमार सिंह हैं।
दो दिवसीय कॉन्क्लेव के पहले दिन 23 जनवरी को उद्घाटन सत्र, प्लेनरी सत्र और खेल नीति के एकीकरण पर उच्चस्तरीय पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। वहीं दूसरे दिन 24 जनवरी को थीम आधारित कार्यशालाएं, ‘सेतु 2026’ पर राउंडटेबल मंथन, ग्वालियर घोषणा-पत्र तथा समापन सत्र होंगे।
‘सेतु 2026’ का मुख्य उद्देश्य खेल विज्ञान, कोचिंग और स्किलिंग को अकादमिक ढांचे से जोड़ते हुए राष्ट्रीय खेल विकास के लिए ठोस रोडमैप तैयार करना है। इसके माध्यम से खेल शिक्षा को तकनीक आधारित, नवाचार प्रेरित और रोजगारोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कॉन्क्लेव के दौरान बिहार यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। साथ ही आयोजन की आधिकारिक सोविनियर का भी विमोचन होगा, जिसमें खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध से जुड़े महत्वपूर्ण विचार और अनुशंसाएं शामिल रहेंगी।
इस राष्ट्रीय मंच पर खेल विज्ञान, परफॉर्मेंस एनालिटिक्स, कोचिंग पेडागॉजी, खेलों में स्किलिंग और रोजगार, पाठ्यक्रम विकास, शोध एकीकरण, खेल नीति और गवर्नेंस जैसे विषयों पर गहन मंथन होगा। इसमें देशभर के खेल विश्वविद्यालयों के कुलपति, खेल निदेशक, राष्ट्रीय खेल महासंघों के अधिकारी, खेल वैज्ञानिक, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, द्रोणाचार्य एवं अर्जुन पुरस्कार विजेता, कोच, पैरा-एथलीट, शिक्षाविद् और शोधकर्ता भाग लेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार ‘सेतु 2026’ भारत में खेल शिक्षा और खेल विकास के भविष्य को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन सिद्ध हो सकता है।