ग्वालियर

यहां मां की ऐसी है महिमा, जब रेलवे को मंदिर के दरवाजे पर ही बनाना पड़ा स्टेशन

durgapuri dham navratri 2019 : सुदूर जंगल में विराजी मां दुर्गा के नाम से प्रसिद्ध दुर्गापुरी धाम की अद्वितीय महिमा, नवरात्र में जुटती है यहां श्रद्धालुओं की भीड़

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Oct 06, 2019
 navratri 2019 : durgapuri dham mandir in sheopur
यहां मां की ऐसी है महिमा, जब रेलवे को मंदिर के दरवाजे पर ही बनाना पड़ा स्टेशन

ग्वालियर। कभी सुदूर जंगल विराजी मां दुर्गा की महिमा बीते 50 सालों में ऐसी हुई कि अब यहां न केवल श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है और नवरात्र में यहां मेला लगता है। ये स्थान है श्योपुर जिले में श्योपुर-ग्वालियर नैरोगेज ट्रेक रूट पर दुर्गापुरी धाम, जहां मां की महिमा और प्रसिद्धी ऐसी है कि रेलवे को भी मंदिर के दरवाजे पर ही स्टेशन बनाना पड़ा। यही नहीं सुदूर जंगल में जहां आसपास दूर-दूर तक गांव नहीं, वहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस चौकी भी दुर्गापुरी के नाम से ही खोले गए हैं। लोककथाओं और बड़े-बुज़ुर्गों के मुताबिक इस मंदिर का इतिहास पांडवों के समय का है। लेकिन लगभग 90 साल पहले डांग वाले बाबा ने आधुनिक मंदिर की नींव रखी।

उस समय एक पेड़ के नीचे देवी मां की मूर्ति मिली थी। जिसके बाद धीरे-धीरे मंदिर श्रद्धालुओं के सहयोग से भव्यता पा गया और आज स्थिति मंदिर के ठीक सामने से गुजर रही एक सदी पुरानी श्योपुर-ग्वालियर नैरोगेज रेल लाइन पर भी रेल विभाग ने स्टेशन बनाा दिया। बताया गया है कि सुदूर जंगल में आवागमन के साधनों के अभाव में श्रद्धालुओं की मंाग पर वर्ष 1975 में रेलवे ने मंदिर के ठीक सामने ही श्योपुर-ग्वालियर नैरोगेज टे्रन का हॉल्ट स्टेशन बना दिया।

यही वजह है कि बीते 45 सालों से यहां से गुजरने वाली ट्रेन रुकती है और सैकड़ों श्रद्धालु इसी ट्रेन से मां के दर्शनों को आते हैं। नवरात्र के दौरान तो ट्रेनें ठसाठस भरकर चलती है। इस मंदिर में श्योपुर जिले के अलावा अन्य जिलों और राजस्थान, हरियाणा, उत्तरप्रदेश और देश के अन्य जगहों से भी भक्त आते हैं। नवरात्र के समय खासतौर पर भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं और इस अवसर पर यहां भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। मंदिर में बीते 30 सालों से अखंड ज्योति भी जल रही है।

Published on:
06 Oct 2019 01:46 pm