कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया- शासन को भूमि अधिग्रहण के दिन से देना होगा 9 फीसदी ब्याज।
ग्वालियर। भूमि अधिग्रहण मामले में कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. अपर सत्र न्यायालय ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में बदलाव करते हुए अब 30 लाख रुपए के हिसाब से मुआवजा निर्धारित किया है. इसके साथ ही किसान को शासन को भूमि अधिग्रहण के दिन से 9 फीसदी ब्याज भी देना होगा देना होगा। पहले प्रशासन ने 20 लाख प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा तय कर दिया था लेकिन कोर्ट ने मुआवजे की राशि में 10 लाख रुपए की वृद्धि कर दी. इस मामले में किसानों की भूमि को असिचिंत बताया गया था. साथ ही प्रशासन की ओर से कहा गया कि किसानों ने मुआवजा लेते वक्त आपत्ति नहीं ली थी.
धनेली में हरसी हाई लेवल नहर शाखा का निर्माण किया गया था। इस शाखा के लिए जिला प्रशासन ने सन 2013 में भूमि अधिग्रहण किया था, लेकिन किसानों को बाजार मूल्य से कम मुआवजा अदा किया। ग्रामीणों बालकिशन, टिल्लू, पातीराम की 3.15 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इस जमीन का बाजार मूल्य 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर था लेकिन प्रशासन ने 20 लाख रुपये का मुआवजा तय कर जमीन का अधिग्रहण कर लिया। नहर का निर्माण भी हो गया। किसानों ने जिला न्यायालय में अधिग्रहण आदेश को चुनौती दी। कोर्ट ने मुआवजा राशि में बदलाव किया। 20 लाख के स्थान पर 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा तय किया।
कोर्ट ने किसानों के हक में निर्णय देते हुए 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा राशि अदा करने का आदेश दिया- इस मामले में किसानों की भूमि को असिचिंत बताया गया था. साथ ही प्रशासन की ओर से कहा गया कि किसानों ने मुआवजा लेते वक्त आपत्ति नहीं ली थी. पर कोर्ट ने किसानों के हक में निर्णय देते हुए 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा राशि अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही किसानों को 9 फीसदी ब्याज भी अदा करना होगा।