
ग्वालियर। मुरार नदी के सौंदर्यीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने के आदेश दिए गए हैं, इसके बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। नगरीय प्रशासन मंत्री जयवद्र्धन सिंह ने विधानसभा में ग्वालियर पूर्व के विधायक मुन्नालाल गोयल द्वारा मुरार नदी के सौंदर्यीकरण तथा स्मार्ट सिटी का मामला उठाए जाने पर यह जानकारी दी। स्मार्ट सिटी के संबंध में उन्होंने बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी के पास 350 करोड़ रुपए हैं, लेकिन उसमें से अब तक केवल 37 करोड़ ही खर्च हो पाए हैं और कई प्रोजेक्ट टेंडर प्रक्रिया में हैं। एमएलबी, मेडिकल कॉलेज के लिए 5 करोड़ 91 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं।
विधायक मुन्नालाल गोयल का कहना था कि जब स्मार्ट सिटी में स्वर्ण रेखा का 100 करोड़ का प्रोजेक्ट शामिल किया जा सकता है तो मुरार नदी का 50 करोड़ का प्रोजेक्ट शामिल क्यों नहीं हो सकता। इस पर मंत्री ने कहा कि स्वर्ण रेखा नदी का 50 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है, इसमें मुरार नदी को शामिल किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर बनाए जाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। डीपीआर बनते ही टेंडर जारी किए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी कर्ता-धर्ता नहीं कर रहे गाइडलाइन का पालन : गोयल
गोयल ने कहा कि स्मार्ट सिटी के कर्ता-धर्ता इसकी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। यदि 1000 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी ग्वालियर की तस्वीर न बदले तो स्मार्ट सिटी का क्या मतलब है? उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी की गाइडलाइन का पालन होना चाहिए। इस पर मंत्री ने विधायक से कहा कि वे अपना विशेष काम बताएं तो उसके बारे में जानकारी दी जाएगी।