विधवा ने पलाश में छोड़ा था नवजात

पलाश अस्पताल की शोहरत नाजायज और प्री मैच्योर नवजातों की डिलिवरी कराने के साथ उन्हें खपाने की रही है। मुरार जच्चा खाने में अस्पताल के दलाल एेसी महिलाओं की तलाश में रहते थे। रविवार को पुलिस दो महिलाओं को भी ढूंढ लाई जिन्होंने बदनामी के डर से नाजायज नवजात को जन्म देकर सरगना अरुण भदौरिया के हवाले किया था।

2 min read
May 02, 2016
gwalior news hindi, mp news hindi
gwalior news hindi, mp news hindi
ग्वालियर ।
पलाश अस्पताल की शोहरत नाजायज और प्री मैच्योर नवजातों की डिलिवरी कराने के
साथ उन्हें खपाने की रही है। मुरार जच्चा खाने में अस्पताल के दलाल एेसी
महिलाओं की तलाश में रहते थे। रविवार को पुलिस दो महिलाओं को भी ढूंढ लाई
जिन्होंने बदनामी के डर से नाजायज नवजात को जन्म देकर सरगना अरुण भदौरिया
के हवाले किया था।

डिलिवरी के दौरान एक विधवा महिला की हालत बिगडऩे पर अरुण ने महिला को इलाज कराने और चुप रहने के लिए पैसे भी दिए थे। नदीपार टाल निवासी विधवा महिला ने इंट्रोगेशन में बताया उसके पति का करीब दो साल पहले निधन हो चुका है। परिचित से उसके संबंध हो गए। गर्भ ठहर गया तो डर था बच्चे का जन्म हुआ तो बदनामी होगी। इसलिए करीब 7 महीने के गर्भ की डिलिवरी कराने मुरार जच्चा खाने गई। यहां हालत बिगड़ गई। अस्पताल में पलाश अस्पताल के कई दलाल थे। उन्होंने वहां जाने की सलाह दी तो पलाश अस्पताल में गई। अरुण भदौरिया ने करीब 8 हजार रुपए में डिलिवरी कराने का ठेका लिया। भरोसा दिलाया जो बच्चा जन्मेगा उसे अस्पताल अपने पास रखेगा, फिर अनाथ आश्रम को सौंप देंगे। लेकिन डिलिवरी के दौरान उसकी हालत ज्यादा बिगड़ी तो अरुण भदौरिया भी डर गया। उसने डिलिवरी के बाद बेटा रख लिया और इलाज कराने के लिए करीब 8 हजार रुपए भी दिए।

कारोबारी की तलाश

अस्पताल की नर्स रिंकी चौहान के जरिए बच्चा खरीदने वाले कपड़ा कारोबारी का पता चल गया है।

प्रेमी से अवैध संबंधों में ठहरा था गर्भ

पलाश में नाजायज गर्भ को मिटाने के लिए आई मालनपुर निवासी युवती भी रविवार को पुलिस के पास आ गई। उसने बताया प्रेमी से अवैध संबंधों में गर्भ ठहरा था। बदनामी से बचने के लिए भिण्ड में डॉक्टरों से संपर्क किया तो एक झोलाछाप डॉक्टर ने पलाश अस्पताल का पता बताया। यहां अरुण भदौरिया ने गर्भपात में जोखिम होना बताकर डिलिवरी कराने की सलाह दी। इसके एवज में 22 हजार रुपए मांगे। लेकिन फिर सौदा करीब 8 हजार रुपए में पट गया। नवजात को अस्पताल में छोड़ आई। सरगना अरुण ने उससे कहा था बच्चे को आश्रम में भेज दिया जाएगा। किसी को पता नहीं चलेगा उसके माता पिता कौन हैं।
Published on:
02 May 2016 01:16 am