ग्वालियर

सिविल हॉस्पिटल: रोजाना 115 सैंपल, पर जरूरी टेस्ट बंद… थायराइड और शुगर की जांच के लिए जेब ढीली कर रहे मरीज

सिविल अस्पताल हजीरा में पिछले डेढ़ महीने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। अस्पताल में कहने को तो 300 से अधिक प्रकार की जांचों की सुविधा उपलब्ध है और यहां रोजाना औसतन 115 से ज्यादा मरीजों के सैंपल भी लिए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हफ्तों से यहां की मुख्य और महंगी जांचें पूरी तरह बंद पड़ी हैं।
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Jul 08, 2026
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Civil Hospital

ग्वालियर . सिविल अस्पताल हजीरा में पिछले डेढ़ महीने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। अस्पताल में कहने को तो 300 से अधिक प्रकार की जांचों की सुविधा उपलब्ध है और यहां रोजाना औसतन 115 से ज्यादा मरीजों के सैंपल भी लिए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हफ्तों से यहां की मुख्य और महंगी जांचें पूरी तरह बंद पड़ी हैं। इसके चलते मरीजों को परेशान होकर दूसरे सरकारी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं या फिर निजी लैब्स में मोटी रकम खर्च कर जांच करानी पड़ रही है।

जेएएच रेफर होने या निजी लैब जाने की मजबूरी
हजीरा अस्पताल में जांच न होने के कारण मरीजों के सामने दो ही रास्ते बचते हैं। या तो वे भीषण गर्मी और भारी भीड़ के बीच जयारोग्य अस्पताल या जिला अस्पताल मुरार के चक्कर काटें, या फिर मजबूरी में अपनी जेब ढीली कर निजी पैथोलॉजी लैब्स का रुख करें। जो जांचें सरकारी अस्पताल में मुफ्त होनी चाहिए, उनके लिए मरीजों को निजी सेंटरों पर हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।

निजी कंपनी की लापरवाही
सिविल अस्पताल में पैथोलॉजी जांचों का जिम्मा एक निजी कंपनी के पास है। अनुबंध के मुताबिक जांच से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं और किट उपलब्ध कराना उक्त कंपनी की ही जिम्मेदारी है। लेकिन पिछले डेढ़ महीने से इन महत्वपूर्ण जांचों के लिए जरूरी केमिकल और किट (सामान) नहीं होने से काम ठप पड़ा है। इस लापरवाही को लेकर अस्पताल की लैब प्रभारी ने भी लगातार उच्च अधिकारियों को लिखित में शिकायत भेजी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।

ये जांचें बंद
अस्पताल में आने वाले मरीजों को डॉक्टर परामर्श तो दे रहे हैं, लेकिन जब मरीज जांच कराने पैथोलॉजी पहुंच रहे हैं, तो उन्हें बैरंग लौटाया जा रहा है। अस्पताल में सबसे महत्वपूर्ण और महंगी मानी जाने वाली जांचें जैसे— विटामिन डी, विटामिन बी-12, थायराइड और शुगर की रूटीन जांचें पिछले डेढ़ महीने से नहीं हो पा रही हैं। नतीजतन अस्पताल आने वाले गंभीर मरीजों को हर दिन भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मरीजों बोले: बाहर जाना पड़ रहा
सुबह से भूखे-प्यासे लाइन में लगते हैं। जब काउंटर पर नंबर आता है तो कह दिया जाता है कि विटामिन और थायराइड की जांच यहां नहीं होगी, बाहर करा लो। हमारे पास इतने पैसे होते तो प्राइवेट दिखा देते, हर बार प्राइवेट लैब में जाकर हजारों रुपए की महंगी जांचें कैसे करवाएं।
सावित्री बाई, पीड़ित

मरीज रिपोर्ट भोपाल भेज दी है
सिविल अस्पताल हजीरा में मरीजों की कुछ आवश्यक जांचें नहीं हो पा रही हैं, यह मामला संज्ञान में है। इस पूरी अव्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर भोपाल (मुख्यालय) भेज दी गई है और इसकी जांच प्रस्तावित है। लापरवाही बरतने वाली संबंधित कंपनी के बिलों में कटौती की जाएगी।
डॉ. एमएस सागर, सीएमएचओ

Updated on:
08 Jul 2026 06:15 pm
Published on:
08 Jul 2026 06:11 pm