
पवन दीक्षित @ ग्वालियर.
भारी गर्मी में हुए बिजली मेंटेनेंस कार्य के बावजूद बार-बार बिजली इसलिए गुल हो रही है क्योंकि बढ़ी बिजली सप्लाई का लोड बिजली उपकरण नहीं झेल पा रहे हैं। लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर, वितरण बॉक्स फुंक रहे हैं। कंडक्टर और जंपर गर्म होकर टूट रहे हैं। इंसुलेटर भी बस्ट हो रहे हैं। एसएलडी बॉक्स व केबल लाइनों में आग लग रही है। ब्रेक डाउन आने के बाद बिजली कर्मी सुधार को लेकर उनकी तलाश कर उनको सुधारने में दो से तीन घंटे का समय लगाते हैं। इतनी देर तक बिजली सप्लाई मेंटेनेंस के लिए होने वाली कटौती के अतिरिक्त बंद हो रही है।
जून माह की शुरुआत से शहर का तापमान 43 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ है। असली परेशानी यह कि सुबह 10 से शाम 7 बजे तक शहर का औसत तापमान 40 डिग्री से अधिक ही बना रहता है। इतनी गर्मी में पंखे, कूलर और एसी का लगातार बढ़ता लोड झेल रही सप्लाई लाइनों में लगातार फॉल्ट आ रहे हैं।
इस साल 10 लाख यूनिट अतिरिक्त मांग
पिछले साल की तुलना में इस साल प्रतिदिन करीब 10 लाख यूनिट बिजली की अतिरिक्त मांग बनी हुई है। लोग घरों में बिजली उपकरण बढ़ाते जा रहे है, जबकि बिजली कंपनी में लोड बढ़ाए जाने की सूचना भी नहीं दी जा रही है ऐसे में कई क्षेत्रों के ट्रांसफार्मर ओवर लोडेड हैं। ओवर लोडेड क्षेत्रों में बिजली कंपनी ने 155 ट्रांसफार्मर गर्मी के सीजन में लगवाए हैं।
90 डिग्री से अधिक तापमान होने पर फुंक रहीं डीपी
गुरुवार को तापमान 47.5 डिग्री तक गया। इस वजह से बिजली सप्लाई यूनिट 57 लाख से अधिक रही जा ेकि सामान्य यूनिट से 8 लाख अधिक थी। बिजली लोड ज्यादा होने और तापमान अधिक होने से ट्रांसफार्मर का लोड 90 डिग्री से अधिक हो जा रहा है। इस तापमान में ट्रांसफार्मर फेल होने लगते हैं। इस वजह से दीन दयाल नगर, मालरोड, हरकोटा सील, गश्त का ताजिया पर ट्रांसफार्मर फुंके तो कहीं आग लग गई। इन ट्रांसफार्मरों को बदले जाने के लिए एक से डेढ़ घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रही।
फैक्ट फाइल
| शहर में बिजली उपभोक्ता | 2.40 लाख |
| हर रोज फेल होने वाले ट्रांसफार्मर | 4-5 |
| जंपर टूटने की घटना | 3-4 |
| इंसुलेटर बस्ट होने के केस | 2- 3 |
| एसएलडी बॉक्स और केबल जलने के केस | 3-4 |
| वितरण बॉक्स फुंक रहे | 2-4 |
शहर का तापमान अधिक है। वहीं बिजली सप्लाई उपकरणों का लोड बढ़ा है। ऐसे में उपकरण सामान्य तापमान से अधिक गर्म हो रहे हैं, इसलिए फेल हो रहे हैं। बिजली सप्लाई के लिए बिजली कर्मी मुस्तैद हैं।
अक्षय खरे, महाप्रबंधक, शहरी वृत्त, मक्षेविविकंलि