Poisonous Alcohol Factory Seized : फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि, पकड़ी गई 22,850 लीटर ओपी (ओवर प्रूफ) स्प्रिट जहरीली थी।
Poisonous Alcohol Factory Seized :मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हाईवे पर आबकारी विभाग द्वारा पकड़ी गई अवैध शराब फैक्ट्री की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी रिपोर्ट ने विभाग के साथ साथ सरकार की नींद उड़ा दी है। रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ, उससे साफ हुआ कि, जब्त की गई 22,850 लीटर ओपी (ओवर प्रूफ) स्प्रिट जहरीली थी। अगर यह मार्केट में पहुंचती तो कम से कम ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लोगों मौत की नींद तक सुलाने में सक्षम थी।
इस मामले में इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि, जब्त की गई हजारों लीटर जहरीली शराब भाजपा नेता के फार्म हाउस पर अवैध रूप से फैक्ट्री संचालित कर बनाई जा रही थी। एक और चौंकाने वाली बात ये है कि, फैक्ट्री का संचालन कांग्रेस नेता कर रहा था। 25 अक्टूबर 2025 को आबकारी विभाग ने कार्रवाई कर इस जहरीली शराब की फैक्ट्री का भांडाफोड़ किया था। फिलहाल, टीम बीते 4 माह में अबतक इस केस के मास्टरमाइंड को नहीं दबोच पाई है, जबकि बीते 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस के अवसर पर ये टीम इस कारर्वाई की सफलता स्वरूप मंच से सम्मान भी ले चुकी है। हालांकि, अबतक करीब पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
बता दें कि, आबकारी विभाग की टीम ने पिछले साल 26 अक्टूबर 2025 में नकली शराब फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की थी। घाटीगांव इलाके में हाइवे पर भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह तोमर के फार्म हाउस से आबकारी टीम को 36 ड्रम, 313 केन में भरी 22,850 लीटर ओपी समेत शराब पैकिंग मशीनें, ओपी से बनी 220 पेटी तैयार विहस्की समेत अन्य सामान बरामद कर जब्त किया था। फोरेंसिक रिपोर्ट में अब खुलासा हुआ है कि, पकड़ी गई शराब जहरीली थी।
इससे बनी शराब के सेवन से मौत होना तय थी। क्योंकि, जांच में शराब में पाए गए जहरीले अवशेष सेवन करने वाले की किडनी, लिवर, हार्ट जैसे महत्वपूर्ण अंगों को डैमेज करने में सक्षम थे। सहायक आबकारी अधिकारी राजेश तिवारी ने बताया कि, कार्रवाई के दौरान 5 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं फेक्ट्री के मास्टरमाइंड सोनीपत के कांग्रेस नेता रणदीप मलिक और अमित कुमार अब भी फरार हैं। रणदीप पर अंतरराज्जीय तस्करी के 15 केस दर्ज हैं। ऐसे में आरोपियों को पकड़ने आबकारी की टीमें जल्द रवाना की जाएंगी।