मास्टर प्लान के तहत अतिक्रमण हटाकर बनेंगी महत्वपूर्ण सडक़े, स्थानीय आवागमन को मिलेगा बड़ा लाभ, सुधारी जाएगी यातायात व्यवस्था लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शहर और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण सडक़ों के निर्माण का काम हाथ में लिया है। कुल 5.80 किलोमीटर लंबाई वाली इन तीन […]
मास्टर प्लान के तहत अतिक्रमण हटाकर बनेंगी महत्वपूर्ण सडक़े, स्थानीय आवागमन को मिलेगा बड़ा लाभ, सुधारी जाएगी यातायात व्यवस्था
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शहर और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण सडक़ों के निर्माण का काम हाथ में लिया है। कुल 5.80 किलोमीटर लंबाई वाली इन तीन सडक़ों पर 7 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। ये सडक़े मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई जा रही हैं, जिसमें सडक़ों पर मौजूद अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा। इन तीनों सडक़ों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अप्रैल महीने से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने बताया कि ये तीनों सडक़े स्थानीय लोगों के लिए बेहद जरूरी हैं, जो आवागमन को आसान बनाएंगी और क्षेत्र के विकास में योगदान देंगी।
पीडब्ल्यूडी की ये हैं तीन प्रमुख सडक़े
यातायात और जल निकासी को मिलेगा लाभ
इन तीनों सडक़ों के बनने से न केवल स्थानीय निवासियों के दैनिक आवागमन को सुगम बनाएंगी, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी बेहतर करेंगी। अतिक्रमण हटने से सडक़ चौड़ी होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी। निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और अतिक्रमण मुक्त सडक़े सुनिश्चित की जाएंगी। पीडब्ल्यूडी के इस प्रयास से इलाके के हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। कार्य शुरू होने पर प्रगति की नियमित जानकारी साझा की जाएगी।
तीनों सडक़ों पर बने 50 अतिक्रमण को हटाया जाएगा
नयागांव रायरु बायपास से रेडियो रूम, सिकरवार मार्केट से पुरानी छावनी चौराहा मार्ग और रायरूगांव से बॉडन का पुरा होते हुए जोर वाले बाबा गंगापुर वाया प्यारा सिंह का पुरा तक की सडक़ों पर करीब 50 अतिक्रमण हैं जिन्हें जल्द ही चिह्नित कर हटाया जाएगा।
5.80 किमी लंबाई वाली तीन सडक़ों को सात करोड़ से ज्यादा की लागत से बनाया जाएगा। अभी सडक़ों को लेकर टेंडर लगाए जा चुके हैं, टेंडर ओपन होते ही अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू होगा।
देवेंद्र भदौरिया, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी