MP News: एमपी हाईकोर्ट ने बताया, किसे हथियार रखने का अधिकार नहीं...। जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने दतिया निवासी रंगीलाल यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने शस्त्र लाइसेंस के निलंबन को चुनौती दी थी।
MP News: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति का आचरण समाज के लिए खतरा पैदा करता है और उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, तो उसे हथियार रखने का अधिकार नहीं दिया जा सकता है। जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने दतिया निवासी रंगीलाल यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने शस्त्र लाइसेंस(Gun License) के निलंबन को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता रंगीलाल यादव का शस्त्र लाइसेंस(Arms license) (नं. एमपी/डीटीए/111/73/2020) जिला मजिस्ट्रेट, दतिया द्वारा 11 अगस्त 2023 को निलंबित कर दिया गया था । इस आदेश को बाद में संभागीय आयुक्त ने भी सही ठहराया। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि जिस आपराधिक मामले के आधार पर यह कार्रवाई हुई, उसमें उसकी सजा कम हो चुकी है और वर्तमान में कोई मामला लंबित नहीं है। साथ ही, उसने डकैत प्रभावित क्षेत्र में रहने के कारण सुरक्षा का हवाला देते हुए लाइसेंस बहाल करने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता पर हत्या के प्रयास (धारा 307 आइपीसी) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था और वह करीब नौ महीने जेल में भी रहा। महत्वपूर्ण बात यह रही कि जिस बंदूक के लाइसेंस की बहाली की मांग की जा रही थी, उसी का उपयोग अपराध में किया गया था।
ससम्मान बरी नहीं: कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता समझौते के आधार पर रिहा हुआ है, इसे ससम्मान बरी नहीं माना जा सकता है।
हथियार का दुरुपयोग: जिस हथियार का उपयोग अपराध करने में किया गया हो, उसे वापस सौंपना समाज के लिए आसन्न खतरा पैदा कर सकता है।
पूर्व इतिहास: याचिकाकर्ता के विरुद्ध पूर्व में भी दो अन्य आपराधिक मामले दर्ज थे, जो उसके खराब आचरण को दर्शाते हैं।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने हथियार लाइसेंस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। अब नए गन लाइसेंस, रिन्यूअल और हथियार ट्रांसफर के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जा सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत आवेदक भारत सरकार के पोर्टल www.ndalalis.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदक स्वयं अपनी आईडी बनाकर आवेदन कर सकते हैं या फिर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।