
ग्वालियर/मुरैना। शहर से सटे अंबाह में पदस्थ एसडीओपी रिटायर हुए तो उन्होंने विदाई के तौर पर कस्बे में श्रीमद देवी भागवत कथा का आयोजन कराया। जिसमें करीब २१ हजार छात्रों ने एक साथ कथा की प्रसादी पाई। जो कि गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकाड्र्स में शामिल हुआ। नगर में आयोजित श्रीमद देवी भागवत कथा के समापन पर हुए भंडारे में सर्वाधिक लोगों ने एक साथ भंडारा पाया। गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्डस टीम के प्रमुख संतोष अग्रवाल ने बताया कि उक्त भंडारे में पहली बार सर्वाधिक बच्चों ने भोजन किया।
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अग्रवाल के मुताबिक इस सहभोज को आयोजित करने वाले एसडीओपी को इस कीर्तिमान का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। भंडारे में अंचल के अलग-अलग व्यंजन परोसे गए। समापन पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर,प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी सम्मिलित हुए। इस दौरान मंत्री तोमर ने कहा कि उनके जीवनकाल में यह पहला मौका है जब किसी विदाई समारोह में भागवत कथा का समापन संतों के सानिध्य व गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड का संयोग बना है।
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उन्होंने कहा कि एसडीओपी भदौरिया पर समाज,देश व उनका विभाग गर्व कर सकता है। उन्होंने दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम के मर्यादा पथ पर चलने का आह्वान किया। साथ ही कथा को राजा परीक्षित की तरह जीवन में आत्मसात करने को कहा। विदाई समारोह में नगर के करीब एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने एसडीओपी को प्रशंस्ति पत्र, शॉल श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। थाना प्रभारी जितेन्द्र नगाइच ने चांदी की तलवार भेंट की।
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16 टाट पट्टियां पर 32 कतारों में बैठे छात्र
अंबाह के पचासा मैदान पर रिटायर हो रहे एसडीओपी किशोर भदौरिया ने श्रीमद देवी भागवत का आयोजन किया गया। जिसमें 21 हजार छात्रों ने एक साथ भोजन किया। इस कार्यक्रम को वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए मैदान पर एक साथ 16 टाट पट्टियां बिछाकर उन पर 32 कतारों में बच्चों को बैठाया गया था। एक कतार में 300 से ज्यादा बच्चे बैठे और 21 हजार छात्रों ने एक साथ भंडारा पाया। साथ ही गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड की टीम इस आयोजन की मॉनिटरिंग कर रही थी। आयोजन के बाद इसकी रिकार्डिंग देख टीम ने इसे विश्व रिकार्ड मान कर अपनी बुक में दर्ज कर लिया।साथ ही तत्काल इसका सर्टिफिकेट भी जारी किया।