ग्वालियर

तिरुपति मंदिर प्रसाद में जानवरों की चर्बी मिलाने में एमपी के बड़े कारोबारी लिप्त! जांच एजेंसी ने जब्त किए रिकार्ड

Tirupati temple prasad - इस केस के तार एमपी के बड़े कारोबारियों से जुड़ रहे हैं।

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Statements of Gwalior businessmen on mixing animal fat in Tirupati temple prasad

Tirupati temple prasad - देश-दुनिया में विख्यात तिरुपति बालाजी मंदिर में मिलावटी प्रसाद मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस के तार एमपी के बड़े कारोबारियों से जुड़ रहे हैं। प्रदेश के ग्वालियर के ये तेल और घी व्यापारी अब जांच एजेंसी CBI के रडार पर हैं। सीबीआई CBI के साथ ही विशेष जांच दल यानि एसआईटी SIT ने इन व्यापारियों से सवाल जवाब किए और कई रिकार्ड भी जब्त किए हैं। पिछले साल सितंबर में आंध्र प्रदेश के नेता चंद्रबाबू नायडू ने विख्यात तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी मिले घी के इस्तेमाल का आरोप लगाया था। इससे देशभर में श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया था। मामले की जांच भी शुरु कर दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई के नेतृत्व में गठित एक विशेष जांच दल यानि एसआईटी मामले की जांच कर रहा है। इसमें सीबीआई और राज्य सरकार के दो-दो अधिकारियों के साथ एफएसएसएआई के एक अधिकारी शामिल हैं। यह जांच दल शनिवार को एमपी में आया।

घी और तेल कारोबारियों के सर्च वारंट लेकर आई

ग्वालियर के विख्यात दाल बाजार में उस समय सनसनी फैल गई जब सीबीआई की टीम यहां के कुछ व्यापारियों के ठिकानों पर पहुंची। बताया जाता है कि सीबीआई अधिकारियों के नेतृत्व में एसआईटी की टीम ग्वालियर के तीन घी और तेल कारोबारियों के सर्च वारंट लेकर आई। जांच दल ने तीनों व्यापारियों से पूछताछ की। उनकी फर्मों के दस्तावेजों की जांच की और कुछ रिकार्ड जब्त भी किए।

दाल बाजार में जब विशेष जांच दल कारोबारियों के ठिकानों पर पहुंचा तो उनकी ओर से विरोध किया गया। टीम ने सर्च वारंट दिखाया और इंदरगंज पुलिस को भी सूचना देकर बुलाया। इसके बाद संदिग्ध फर्मों के कारोबार की जांच की गई। कारोबारियों के बयान भी दर्ज किए गए। हालांकि मिलावटी प्रसाद मामले में ग्वालियर के इन कारोबारियों की क्या भूमिका है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। फिलहाल जांच दल ने व्यापारियों को वारंट देकर पूछताछ के लिए तलब किया है।

Published on:
20 Apr 2025 02:52 pm
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