Gwalior Love Marriage: बिना मोबाइल 1,020 किमी दूर पहुंची प्रेमिका, 5 ट्रेनें बदलकर ढूंढ निकाला प्रेमी का घर
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ग्वालियर। स्वच्छता रैंकिंग में पिछडऩे के बावजूद निगम नहीं जागा है। रविवार को जब पत्रिका ने शहर का रियलिटी चेक किया तो शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर व नाले-नालियां चोक दिखाई दिए, जबकि पूर्व निगमायुक्त अनय द्विवेदी ने साफ की गई जगह पर गंदगी पाए जाने पर क्षेत्र के सभी जेडओ की जिम्मेदारी तय की थी।
उस दौरान कुछ जेडओ के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी, जिसके चलते शहर में चारों तरफ गंदगी खत्म होने से शहर साफ दिखाई देने लगा था, लेकिन अब हालात बिगड़ रहे हैं। जेडओ एवं अन्य अफसरों ने फील्ड में निकलना बंद कर दिया है, जिसके चलते सफाई के लिए तैनात एक हजार से अधिक ठेका कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं हो रहा है, इसका खमियाजा शहर भुगत रहा है।
| स्पॉट-1. सैनिक कॉलोनी |
| समय 3 बजे |
| कंपू सैनिक कॉलोनी की पुलिया के आसपास कचरे के ढेर से नाला भरा हुआ था। स्थानीय लोग कचरा नाले में डाल देते हैं। वहीं निगम के कर्मचारी भी कचरा नाले में ही डंप कर देते हैं, जिसके चलते नाला जाम हो गया है। |
शहरों की स्वच्छता रैंकिंग जारी: पिछली रैंकिंग भी नहीं बची, बड़ी दौड़ में एक सीढ़ी और पिछड़ा ग्वालियर
| स्पॉट-2. बारह बीघा |
| समय 3.30 बजे |
| यहां पर पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आता है। यहीं से पानी हनुमान बांध तक जाता है, कचरा डालने से नहर नाला बन चुकी है। सफाई नहीं होने से इस बार भी पानी हनुमान बांध में जाने की बजाय गड्ढे वाले मोहल्ले से शहर में घुसेगा। |
| स्पॉट-3. सिकंदर कंपू |
| समय 4.45 बजे |
| शहर को स्वच्छ बनाने शहर में कई जगह सूखे और गीले कचरे के लिए डस्टबिन लगाए गए थे लेकिन सिकंदर कंपू पुलिया के पास कचरा डस्टबिन से बाहर निकल रहा था और आवारा पशु भी उसे और बिखरा रहे थे। |
| स्पॉट-4.जयेंद्रगंज |
| समय 5.15 बजे |
| राजीव प्लाजा के कॉर्नर पर डस्टबिन के नीचे कचरे का ढेर था, जबकि यह स्थान शहर के बीचों-बीच है, जहां लोगों की सबसे अधिक चहल-पहल रहती है। उसके बावजूद निगम को यहां से कचरा उठाने की फुरसत ही नहीं है। |