ग्वालियर

लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने की पहल, तपोवन नर्सरी में तैयार होंगे 13 लाख पौधे

ग्वालियर. शहर और जिले में हरियाली बढ़ाने के साथ लुप्तप्राय वनस्पतियों को बचाने के लिए वन विभाग ने इस वर्ष बड़ा अभियान शुरू किया है। वन विभाग की तपोवन नर्सरी में इस बार करीब 13 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जबकि पहले हर साल यहां लगभग साढ़े छह लाख पौधे ही तैयार होते […]

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Mar 06, 2026
तपोवन

ग्वालियर. शहर और जिले में हरियाली बढ़ाने के साथ लुप्तप्राय वनस्पतियों को बचाने के लिए वन विभाग ने इस वर्ष बड़ा अभियान शुरू किया है। वन विभाग की तपोवन नर्सरी में इस बार करीब 13 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जबकि पहले हर साल यहां लगभग साढ़े छह लाख पौधे ही तैयार होते थे। इस बार विशेष रूप से उन प्रजातियों पर ध्यान दिया गया है, जो धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं। नर्सरी में करीब 100 प्रकार की विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें आगामी वृक्षारोपण अभियान के दौरान जिले भर में लगाया जाएगा। इसके लिए इन दिनों नर्सरी में काम तेजी से चल रहा है।

हर्बल पौधों की भी बढ़ी मांग

नर्सरी में छायादार और फलदार पौधों के साथ हर्बल प्लांट भी तैयार किए गए हैं। इनमें गुड़मार, पत्थरचट्टा, अश्वगंधा, आंवला, सतावर बेल, गिलोय, तुलसी, पीपल और मीठा नीम प्रमुख हैं। इसके अलावा अमरूद, नींबू, जामुन, सीताफल, अनार और शहतूत के पौधे भी उपलब्ध हैं, जिनकी मांग शहर में लगातार बढ़ रही है।

इन प्रजातियों पर विशेष फोकस

इस वर्ष जिन प्रमुख प्रजातियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं, उनमें करधई, खैर, पलाश, शमी, अंजन, गिलोय, गुड़मार, सतावर और बेर शामिल हैं। इसके अलावा भिलमा, कुसुम, हर्रा, बीजा साल और महोगनी जैसे महत्वपूर्ण पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं। ये सभी प्रजातियां अब जिले में काफी कम दिखाई देती हैं, इसलिए इनके संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

फूलों के पौधों की भी ज्यादा मांग

तपोवन नर्सरी में सभी प्रकार के पौधे तैयार किए जाते हैं, लेकिन फूलों वाले पौधों की मांग सबसे अधिक रहती है। इसी को देखते हुए यहां गुलाब की कई किस्में तैयार की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न सीजनल फूलों के पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें लोग अपने घरों और छतों पर लगाने के लिए खरीदते हैं।

एक्सपर्ट व्यू…

शहर और जिले को हरा-भरा बनाने के लिए इस बार करीब 13 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में लुप्तप्राय प्रजातियों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही हर्बल और घरेलू उपयोग के पौधों की मांग को देखते हुए उन्हें भी तैयार किया गया है।
सपना पाठक, वन विस्तार अधिकारी, तपोवन नर्सरी

Updated on:
06 Mar 2026 06:23 pm
Published on:
06 Mar 2026 06:22 pm
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