ग्वालियर . विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके गिद्धों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच ग्वालियर वन मंडल से राहत भरी खबर सामने आई है। इस वर्ष की वार्षिक गणना के पहले ही दिन 290 के आसपास गिद्ध दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी का संकेत […]
ग्वालियर . विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके गिद्धों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच ग्वालियर वन मंडल से राहत भरी खबर सामने आई है। इस वर्ष की वार्षिक गणना के पहले ही दिन 290 के आसपास गिद्ध दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं। वन विभाग ने 20 फरवरी से तीन दिवसीय गिद्ध गणना अभियान शुरू किया है। पहले दिन की गिनती में ही लगभग 290 गिद्धों की पहचान की गई। अधिकारियों के अनुसार यह आंकड़ा उम्मीद से बेहतर है। पिछले वर्ष ग्वालियर वन मंडल क्षेत्र में कुल 217 गिद्ध दर्ज किए गए थे। ऐसे में शुरुआती आंकड़े उत्साहजनक माने जा रहे हैं। दूसरे दिन की गणना में भी वनकर्मियों को कई स्थानों पर बड़ी संख्या में गिद्ध दिखाई दिए। जिससे संख्या में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम आंकड़ा तीसरे दिन की गणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इन क्षेत्रों में दिखे गिद्ध
वन मंडल के बसोटा, मिर्चा घाटी, धुआं क्षेत्र सहित अन्य वन क्षेत्रों में इस बार गिद्धों की सक्रिय मौजूदगी दर्ज की गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सुरक्षित आवास और संरक्षण प्रयासों के कारण इनकी संख्या में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
एप के जरिए हो रही मॉनिटरिंग
इस बार गिनती की प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ा गया है। सभी वनकर्मियों के मोबाइल में इपिक कलेक्शन एप अपलोड किया गया है। सुबह 6.30 से 8.30 बजे के बीच गिनती की जा रही है और 12 प्रकार की जानकारियां एप में दर्ज की जा रही हैं। यह डेटा सीधे भोपाल मुख्यालय भेजा जा रहा है।
संख्या बढ़ रही है
गिद्धों की गणना 20 फरवरी से शुरु हो गई है। पहले ही दिन लगभग 290 के आसपास गिद्द की पहचान हुई है। पिछले वर्ष ग्वालियर वन मंडल में 217 गिद्ध थे। इस गणना में यह भी पता लगाया जाएगा कि अब गिद्द बढ़े हैं। अभी अंतिम आंकड़े आना बाकी हैं, लेकिन शुरुआती रुझान गिद्धों की बढ़ती संख्या की ओर इशारा कर रहे हैं।
मुकेश पटेल, डीएफओ