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गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी का संकट, सडक़ों पर उतरे लोग, मटके फोड़े

मोटर खराब, सप्लाई ठप, गंदा पानी आने से लोग परेशान

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गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी का संकट, सडक़ों पर उतरे लोग, मटके फोड़े

गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी का संकट, सडक़ों पर उतरे लोग, मटके फोड़े

ग्वालियर. गर्मी की दस्तक के साथ ही शहर में पानी का संकट गहराने लगा है। कहीं सप्लाई बंद है, कहीं मोटर खराब होने से पानी नहीं मिल रहा और कहीं नलों से गंदा पानी आ रहा है। इसको लेकर रोजाना नगर निगम में शिकायतें बढ़ रही हैं, लेकिन हालात नहीं सुधर रहे हैं। निगमायुक्त संघप्रिय हर बैठक में गंदे पानी, लाइन में लीकेज बंद करने के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन अफसर पालन नहीं कर रहे हंै। ऐसे में आयुक्त अब नोटिस जारी करने के साथ इंक्रीमेंट रोकने की भी कार्रवाई कर रहे हैं।
वार्ड 43 में फूटा गुस्सा, लगाया जाम
वार्ड 43 नाहर खाना गस्त के ताजिया क्षेत्र में बोरवेल की मोटर खराब होने से नलों में पानी नहीं आने और कभी-कभी गंदे पानी की समस्या से त्रस्त लोगों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। आक्रोशित रहवासियों ने सडक़ पर मटके फोडकऱ जाम लगा दिया और निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि कई दिनों से पार्षद व पीएचई के अफसरों से शिकायत करने के बाद भी ठेकेदार व कर्मचारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इस मामले में आयुक्त ने अफसरों को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
तिघरा में पर्याप्त पानी, फिर संकट क्यों?
नगर निगम के अनुसार तिघरा बांध में वर्तमान में 3480.29 एमसीएफटी पानी भरा है, जो कुल क्षमता का 76.78 प्रतिशत है। अधिकारियों का दावा है कि एक दिन छोडकऱ सितंबर तक और प्रतिदिन जुलाई तक पानी की आपूर्ति संभव है। इसके बावजूद शहर में अभी से पानी का संकट खड़ा होना कई सवाल खड़े करता है।
मोटरें खराब होने से समस्या
शहर में 2600 के करीब मोटरें है, लेकिन ठेकेदारों व अफसरों के बीच समन्वय नहीं होने से मोटरें निर्धारित समय सीमा में ठीक नहीं हो पा रही है। इससे जिन क्षेत्रों में मोटर से पानी की सप्लाई होती है वहां सबसे अधिक समस्या आ रही है। वहीं यह लोग महापौर, सभापति, निगमायुक्त, अपर आयुक्त, कार्यपालन यंत्री व उपयंंत्री से शिकायत कर रहे हैं।
यहां आ रहा है गंदा पानी
कई मोहल्लों में नलों से गंदा और मटमैला पानी आ रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में घासमंडी, जागृति नगर, एबी रोड गोलपहाडिय़ा, लक्ष्मीगंज, गैंडेवाली सडक़, महल रोड, तानसेन नगर रोड शामिल हैं। लोगों का कहना है कि गंदे पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
इन क्षेत्रों में अक्सर नहीं होती सप्लाई
शहर के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बीच-बीच में ठप हो जाती है। इसमें शिवपुरी ङ्क्षलक रोड, विक्की फैक्ट्री क्षेत्र लक्ष्मीबाई, कॉलोनी, डीडी नगर, तृप्ती नगर, शिवाजी नगर, दर्पण कॉलोनी, नवग्रह कॉलोनी, गुडागुड़ी का नाका, बिजली घर रोड शामिल हैं। यहां से निगम कार्यालय में शिकायतें पहुंच रही हैं।
अफसरों के दावे और जमीनी हकीकत
नगर निगम के पीएचई विभाग के अधिकारी भले ही पर्याप्त पानी होने का दावा कर रहे हों, लेकिन जमीनी हालात कुछ और हैं। गर्मी के चरम पर पहुंचने से पहले ही यदि यह स्थिति है, तो मई-जून में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। शहरवासियों ने मांग की है कि पानी सप्लाई व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए, लीकेज और लाइन फॉल्ट दुरुस्त किए जाएं तथा गंदे पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि आने वाले दिनों में हालात बेकाबू न हों।

&तिघरा में अभी पर्याप्त पानी है, एक दिन की सप्लाई के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिसे एमआइसी ने वापस कर दिया है। अब फिर से एक दिन सप्लाई का प्रस्ताव भेजेंगे। वार्ड 43 में मोटर खराब होने पर ठेकेदार व अफसरों को निराकरण के लिए कहा है। गर्मी में पानी का संकट नहीं आने देंगे।
संघप्रिय, आयुक्त नगर निगम