ग्वालियर. पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा में राजस्थान बैच के नव आरक्षकों द्वारा खराब भोजन परोसे जाने के लगाए गए आरोपों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कुछ नव आरक्षकों ने साथियों को भड़काने और पीटीएस की छवि खराब करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से फर्जी […]
ग्वालियर. पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा में राजस्थान बैच के नव आरक्षकों द्वारा खराब भोजन परोसे जाने के लगाए गए आरोपों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कुछ नव आरक्षकों ने साथियों को भड़काने और पीटीएस की छवि खराब करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से फर्जी फोटो और पोस्टर बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। मामले में 36 नव आरक्षकों की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें ट्रेनिंग से हटाकर राजस्थान वापस भेज दिया गया है। पीटीएस पुलिस अधीक्षक अखिलेश रेनवाल ने बताया कि राजस्थान पुलिस के अधिकारी भी जांच के लिए गुरुवार को पीटीएस पहुंचे थे। पूछताछ में सामने आया कि कुछ नव आरक्षक मैस में गटटे की सब्जी, खीर, सांगरी की सब्जी और छाछ जैसी खास डिश की मांग कर रहे थे। साथ ही मशीन से बनने वाली रोटियों के बजाय भट्टी पर सेंकी हुई रोटियां देने की बात भी कह रहे थे। पीटीएस में फिलहाल राजस्थान बैच के 1062 नव आरक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें वायरल हुई थीं, जिनमें नव आरक्षक थाली लेकर मैस के बाहर खाने का इंतजार करते दिखाई दे रहे थे। इन तस्वीरों के साथ खराब और घटिया भोजन परोसे जाने के आरोप लगाए गए थे।
इन आरक्षकों ने रची साजिश
जांच में सामने आया कि चेस्ट नंबर 1005 अनिल मीणा, श्याम सुंदर गुर्जर, हर्ष चौधरी सहित कुछ नव आरक्षकों ने इस पूरे घटनाक्रम की साजिश रची थी। इन लोगों ने अपने 35 साथियों के साथ मिलकर व्हाट्सएप पर कई ग्रुप बनाकर एआइ से तैयार किए गए फोटो और पोस्टर वायरल किए।
व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर फैलाई अफवाह
साजिश के तहत ‘पीटीएस लोटस आइटम’, ‘एफआइआर सेल’, ‘टोली नंबर-31’, ‘सीकर ट्रेनिंग ग्रुप’ और ‘पीटीएस इंडोर क्लास’ जैसे नामों से व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए। इनमें राजस्थान में रहने वाले परिचितों और दोस्तों को भी जोड़ा गया। इन ग्रुपों में एआइ से तैयार किए गए फोटो और पोस्टर डालकर मैस के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की गई।
राजस्थान से सिर्फ दो कुक, निगरानी अधिकारी नहीं
राजस्थान बैच के लिए खाना बनाने के लिए राजस्थान पुलिस की ओर से केवल दो कुक भेजे गए हैं, जबकि भोजन व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों के समाधान के लिए कोई अधिकारी तैनात नहीं किया गया था। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ नव आरक्षकों ने माहौल बिगाड़ने की साजिश रची।
एआइ से बनाए पोस्टर
जांच में यह भी सामने आया कि नव आरक्षकों ने एआइ की मदद से पोस्टर तैयार किए, जिन पर ‘मैस का पूर्ण बहिष्कार करो’ और ‘खराब व स्वास्थ्य के लिए घातक भोजन के खिलाफ आवाज उठाओ’ जैसे नारे लिखे गए थे। इन पोस्टरों को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।
पीटीएस से हटाकर राजस्थान भेजे
राजस्थान बैच के 36 नव आरक्षकों ने खराब खाना परोसे जाने के भ्रामक और भड़काऊ मैसेज और एआइ से फर्जी फोटो बनाकर वायरल किए थे। जांच में इन नव आरक्षकों की करतूतों का खुलासा हुआ है। इन्हें पीटीएस से बाहर कर डीएसपी की सुपुदर्गी में वापस राजस्थान भेजा गया है।
राजाबाबू सिंह, एडीजीपी ट्रेनिंग पुलिस मुख्यालय भोपाल