ग्वालियर

150 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 20 हजार रोजगार का लक्ष्य, 170 एकड़ में आकार लेगा टेलीकॉम हब

ग्वालियर से टेलीकॉम की दुनिया में आत्मनिर्भर भारत की नई कहानी लिखी जाने वाली है। देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) यहां बनना है।
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ग्वालियर से टेलीकॉम की दुनिया में आत्मनिर्भर भारत की नई कहानी लिखी जाने वाली है। देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) यहां बनना है। गुरुवार को चैंबर भवन में हुई हाईलेवल वर्कशॉप में इस मेगा प्रोजेक्ट का पूरा रोडमैप सामने आया।
ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) बनाया जाना है। इसे लेकर चैंबर ऑफ कॉमर्स में एक विशेष कार्यक्रम हुआ।
  • ग्वालियर में बनना है टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) : 1 रुपए में जमीन, 2 रुपए सस्ती बिजली, 200 करोड़ तक सब्सिडी, 30 निवेशकों ने देखा लैंड बैंक

ग्वालियर. ग्वालियर से टेलीकॉम की दुनिया में आत्मनिर्भर भारत की नई कहानी लिखी जाने वाली है। देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) यहां बनना है। गुरुवार को चैंबर भवन में हुई हाईलेवल वर्कशॉप में इस मेगा प्रोजेक्ट का पूरा रोडमैप सामने आया। इसी मंच से दो कंपनियों ने 150 करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी सौंप दिए। कार्यशाला में दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के उपमहानिदेशक अनिल कुमार भारद्वाज, सहायक महानिदेशक ताबिश जावेद और एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक अनीषा श्रीवास्तव ने निवेशकों से सीधा संवाद किया। संचालन मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल ने किया।

1 रुपए प्रीमियम पर जमीन, 30 साल तक 1 रुपए लीज रेंट
एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक अनीषा श्रीवास्तव ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन में बताया कि इस प्रोजेक्ट की एग्जिक्यूटिव बॉडी एमपीआईडीसी होगी। इसमें 51 फीसदी हिस्सेदारी मध्यप्रदेश सरकार और 49 फीसदी केंद्र सरकार की रहेगी। केंद्र से 493 करोड़ रुपए मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम यहां वल्र्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएंगे। टीएमजेड का फेज-ए ग्वालियर के आईटी पार्क के पास गारमेंट पार्क के नजदीक 70 एकड़ में और फेज-बी साडा रीजन में 100 एकड़ में विकसित होगा। कुल 170 एकड़ पर यह जोन आकार लेगा। निवेशकों को लुभाने के लिए जमीन 1 रुपए प्रीमियम पर, लीज रेंट सिर्फ 1 रुपए प्रति वर्गमीटर 30 साल के लिए, बिजली पर 5 साल तक 2 रुपए प्रति यूनिट की छूट, 50 फीसदी कैपिटल सब्सिडी अधिकतम 200 करोड़ तक। इसके अलावा प्रति कर्मचारी 5 हजार रुपए वेतन सहायता और 13 हजार रुपए ट्रेनिंग सपोर्ट भी दिया जाएगा।

63 लाख करोड़ के बाजार में भारत का हिस्सा सिर्फ फीसदी
दूरसंचार विभाग के उपमहानिदेशक अनिल भारद्वाज ने कहा कि दुनिया में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार 636 बिलियन डॉलर यानी करीब 63 लाख करोड़ का है, पर भारत का हिस्सा सिर्फ 63 हजार करोड़ यानी 1 फीसदी है। इसी गैप को भरने के लिए ग्वालियर में यह जोन बन रहा है।
उन्होंने बड़ा दावा किया कि इस प्रोजेक्ट के लिए लिखित लक्ष्य है 10 हजार करोड़ का निवेश और 20 हजार रोजगार। आज मेरे साथ 30 निवेशक ग्वालियर आए हैं, जिन्होंने जमीन देखी है और 3000 करोड़ निवेश के लिए हाथ बढ़ाया है। ग्वालियरवासी इसमें लोकल पार्टनर बन सकते हैं। आप सीधे निवेशक न भी हों तो सप्लायर, एसोसिएट और वैल्यू चेन पार्टनर के रूप में इस क्रांति से जुड़ सकते हैं।

सवाल-जवाब में खुली कई परतें

  • सवाल : देवांग लहारिया ने पूछा - लैब के लिए प्लग-एन-प्ले तो दे रहे हैं, क्या मशीनों की कॉस्ट भी कवर होगी?
  • जवाब : अनीषा श्रीवास्तव बोलीं - टेस्टिंग लैब के साथ पूरा इंफ्रा हम डेवलप करेंगे, आप उसे यूज कर सकते हैं।
  • सवाल : अजय चोपड़ा ने टाइमलाइन पूछी।
  • जवाब : 3-4 महीने में लैंड अलॉटमेंट शुरू हो जाएगा, 1 से 2 साल में पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार।

मौके पर ही 150 करोड़ के प्रस्ताव
कार्यशाला में ही ज्योरथ वेंचर्स इंटरनेशनल के सीईओ प्रमोद यादव और आईकैम्प के अंशुल एस.सक्सेना ने 150 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपे।
इससे पहले दूरसंचार विभाग के नेतृत्व में देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम, ऑप्टिमस, स्पर्श सीसीटीवी, टेस्कॉम, टेक्नोट्रेंड्ज, वीएनटी समेत 10 कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित जमीन का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल पहले एमपीआईडीसी कार्यालय पहुंचा, फिर आईटी पार्क के पास सेजल फार्म और साडा क्षेत्र की चिन्हित जमीन का निरीक्षण किया।

Updated on:
20 Aug 2026 09:36 pm
Published on:
20 Aug 2026 09:36 pm