ग्वालियर

आधार कार्ड में ‘जन्मतिथि’ सुधरवाने की व्यवस्था बदली ! लगाना होगा ये 1 डॉक्यूमेंट

MP News: आधार बायोमेट्रिक या करेक्शन के लिए आने वाले लोगों को लिमिट क्रॉस बताकर वापस लौटा दिया जा रहा है।

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Aadhar card प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: मध्यप्रदेश भर में आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार कराना अब आमजन के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। यूआईडीएआई के नियमों के अनुसार जन्मतिथि केवल एक बार ही स्वयं अपडेट की जा सकती है। दूसरी बार सुधार के लिए अब जन्म प्रमाण पत्र का रजिस्ट्रेशन नंबर अनिवार्य कर दिया गया है।

इस नियम से वे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जिनके 20-30 साल पुराने जन्म प्रमाण पत्रों में रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज नहीं है या दस्तावेज गुम हो चुके हैं। शहर के महाराज बाड़ा स्थित पोस्ट ऑफिस में बने आधार केंद्र पर रोजाना करीब 100 लोग पहुंच रहे हैं, जिनमें से 40 से अधिक लोगों के आवेदन लिमिट क्रॉस होने के कारण रिजेक्ट हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि राजधानी स्तर पर भी इन मामलों का समाधान नहीं हो पा रहा। खुद भोपाल में लोग परेशान हो रहे हैं।

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शुल्क भी जा रहा बेकार

आधार बायोमेट्रिक या करेक्शन के लिए आने वाले लोगों को लिमिट क्रॉस बताकर वापस लौटा दिया जा रहा है। बायोमेट्रिक के लिए जमा 125 रुपए, करेक्शन के लिए दिए गए 75 रुपए, दोनों ही मामलों में शुल्क वापस नहीं हो रहा। इसके अलावा भोपाल जाकर सुधार कराने में लोगों को 3 से 5 हजार रुपए तक का खर्च उठाना पड़ रहा है।

फोन उठते नहीं, मेल का जवाब 6-8 हफ्ते बाद

परेशान लोग यूआईडीएआई भोपाल कार्यालय में संपर्क करते हैं तो वहां फोन तक नहीं उठते। पत्रिका ने जब 0755-2994732, आईटीएस डायरेक्टर सुमित मिश्रा, डिप्टी डायरेक्टर धर्मवीर कुशवाह (0755-2994731) के नंबर पर कॉल किया, तो किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। मेल करने पर 6 से 8 सप्ताह का समय दिया जा रहा है।

काम अटकाः जन्मतिथि में गड़बड़ी के कारण, विद्यार्थियों के एडमिशन व स्कॉलरशिप फॉर्म रिजेक्ट हो रहे हैं। कर्मचारियों की सर्विस बुक अपडेट नहीं हो पा रही, पेंशनर्स का भुगतान अटका है।

भोपाल जाने को मजबूर

स्कॉलरशिप अटकी: पिछले एक साल से जन्मतिथि सुधार के लिए भटक रहा हूं। आधार केंद्र पर लिमिट क्रॉस बताकर कहा गया कि अब काम भोपाल से ही होगा।- राजू कुशवाह, बिलौआ, खादरपुरा

दो बार आवेदन रिजेक्ट हुआ। बाड़ा पोस्ट ऑफिस में भी लिमिट क्रॉस कहकर मना कर दिया। भोपाल जाने की बात कह रहे हैं। तीन साल से स्कॉलरशिप नहीं मिली।- जितेंद्र माथुर, भितरवार

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Updated on:
09 Feb 2026 01:44 pm
Published on:
08 Feb 2026 03:43 pm
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