डबरा और भितरवार में प्रशासनिक अमला उनकी खोजबीन में रात तक मौके पर रहा
ग्वालियर। माता की प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो युवक नदी के तेज बहाव में बह गए। इनमें से एक युवक डबरा के बेरखेड़ा गांव के पास नोन नदी में डूबा, जबकि दूसरा युवक भितरवार के धूमेश्वर धाम के पास सिंध नदी में डूबा है। देर शाम तक एसडीआरएफ की टीम ने खोजबीन की, लेकिन देर रात तक दोनों युवकों का पता नहीं चल सका है। हालांकि डबरा और भितरवार में प्रशासनिक अमला उनकी खोजबीन में रात तक मौके पर रहा।डबरा गांव में सजी माता रानी की प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए वहां के लोग बेरखेड़ा गांव के पास नोन नदी पहुंचे। इस दौरान दो युवक नदी के भंवर में फंसकर डूब गए।
हालांकि एक युवक जो किनारा पाकर सुरक्षित निकल गया, जबकि उसके साथी प्रदीप कश्यप का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलने पर एसडीएम राघवेन्द्र पांडे, एसडीओपी उमेश तोमर और देहात थाना प्रभारी पुलिस बल और रेस्क्यू टीम के साथ पहुंचीं। देर रात तक रेस्क्यू जारी रहा, लेकिन प्रदीप कश्यप का पता नहीं चल सका। मामला देहात थाना क्षेत्र डबरा का है।भितरवार अनुविभाग के अंर्तगत आने वाले ग्राम पवाया स्थित प्राचीन धूमेश्वर धाम के निकट सिंध नदी में मंगलवार को रामप्रसाद (21) पुत्र बनमाली, धर्मेन्द्र (29) पुत्र मुन्नालाल कोरी, अनिल जाटव पुत्र रामवरन जाटव एवं दीपू गौड़ पुत्र गोपाल। यह सभी प्रतिमा विसर्जन करने के लिए पहुंचे थे। प्रतिमा विसर्जन के दौरान चारों नदी के तेज बहाव में बह गए।
आसपास के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद तीन को बचा लिया, लेकिन अभी तक दीपू गौड़ का पता नहीं चल सका है। सूचना मिलते ही एसडीएम केके सिंह गौर, तहसीलदार कुलदीप दुबे एवं ग्राम पवाया सरपंच मुकेश भार्गव और भितरवार थाना प्रभारी पंकज त्यागी मौके पर गोताखोरों की टीम लेकर पहुंचे। ग्वालियर से एसडीआएफ टीम भी पहुंच गई है और लापता दीपू गौड़ की तलाश में जुटी है।एसडीएम राघवेन्द्र पांडे ने बताया कि भंवर में फंसकर युवक डूब गया, नदी में तेज बहाव है। हालांकि सिंचाई विभाग से समीप बने डैम से पानी के बहाव को कम कराया गया है। लाइट की व्यवस्था की गई है। जाल बिछाया गया है और सर्चिंग कार्य जारी है। भितरवार एसडीएम केके गौड़ ने बताया कि लाइट की व्यवस्था की गई है एसडीआरफ की टीम तलाश में जुटी है चार में से तीन को बचा लिया गया है एक तलाश जारी है।