
ग्वालियर. शहर में मौसम लगातार करवट बदल रहा है, लेकिन इस बार बदलता मौसम राहत के बजाय बड़ी आफत बनकर आया है। रविवार और सोमवार की लंबी छुट्टियों के बाद जैसे ही मंगलवार को सरकारी अस्पतालों के दरवाजे खुले, वहां मरीजों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि व्यवस्थाएं भी कम पड़ गईं। सुबह की शुरुआत के साथ ही आसमान में छाई उमस और चिपचिपी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। घरों के अंदर हो या बाहर, उमस ने हर वर्ग के लोगों को पसीने से तर-बतर और बेहाल कर रखा है। लंबी छुट्टियों के बाद मंगलवार को खुले शहर के प्रमुख अस्पतालों जेएएच, जिला अस्पताल मुरार और सिविल अस्पताल हजीरा में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। हालात यह रहे कि पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टर के कक्ष के बाहर तक लंबी-लंबी कतारें लग गईं। मंगलवार को शहर के तीनों बड़े अस्पतालों की कुल ओपीडी में 7319 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे। इनमें से सबसे ज्यादा भीड़ मेडिसिन विभाग में देखने को मिली, जहां अकेले 1672 मरीजों ने पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य समस्याएं डॉक्टरों को बताईं।
90 फीसदी मरीज सिर्फ वायरल और मौसमी बीमारियों के शिकार
विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार मेडिसिन विभाग में आने वाले कुल मरीजों में से करीब 90 फीसदी मरीज सीधे तौर पर वायरल फीवर और मौसमी संक्रमण से पीड़ित पाए गए। उमस भरी गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी और तापमान के उतार-चढ़ाव से लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। डॉक्टरों ने इस मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखने और ठंडी-गर्म चीजों से बचने की सलाह दी है, ताकि इस वायरल के प्रकोप से खुद को सुरक्षित रखा जा सके।
सर्दी-खांसी और सांस की जकड़न से परेशान…
बदलते मौसम के बीच वायरल का प्रकोप बढ़ा है। अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में सर्दी, जुकाम और खांसी के साथ तेज बदन दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत सामने आ रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में हैं।
कहां-कहां कितने मरीज
जेएएच 3904
जिला अस्पताल 1823
सिविल अस्पताल 1592