
ग्वालियर। त्योहार पर घरों की साफ-सफाई के चलते शहर में कचरे की मात्रा बढ़ गई है। सामान्य दिनों में लैंडफिल साइट पर पहुंचने वाला 500 टन कचरा अब बढ़कर 700 टन तक पहुंच गया है। अतिरिक्त 150 से 200 टन कचरा सड़कों और गली-मोहल्लों में जमा हो रहा है। कचरे का दबाव बढ़ने और सफाई कर्मचारियों की कमी से निगम की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा वाहन दोपहर 12 से 1 बजे तक पहुंच रहे हैं, जबकि कई वार्डों में नियमित झाड़ू भी नहीं लग पा रही है।
कचरे की मात्रा बढ़ने से वाहनों को तीन-तीन चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एफसीटीएस सेंटरों पर भी गाड़ियां खाली करने के लिए कतार में खड़ी रहती हैं। वहीं, रमौया और एमपी एग्रो के सेंटर बंद होने से दूसरे सेंटरों पर दबाव बढ़ गया है। इससे वाहन खाली होने में अधिक समय लग रहा है और कचरा कलेक्शन का समय बिगड़ रहा है।
नगर निगम के 66 वार्डों में से अधिकतर में सफाई कर्मचारियों की बीटें खाली पड़ी हैं। स्टाफ की कमी से कई कॉलोनियों में एक दिन छोड़कर सफाई हो रही है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। परेशान लोग सीएचओ, एचओ, जेडएचओ, डब्ल्यूएचओ और पार्षदों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है।
वार्ड 60 में बालाजी वाटिका के पास, वार्ड 45 में नटराजन मंदिर, वार्ड 38 में बिजली घर रोड, वार्ड 41 में रतन कॉलोनी टापू मोहल्ला, वार्ड 35 में रामकुई पुल, वार्ड 24 में थाटीपुर चौराहा, चंबल कॉलोनी, सेवानगर, विनय नगर, आनंद नगर और मुरार नदी पार टाल पर कचरे के ढेर लगे हैं।
बहोड़ापुर, लक्ष्मण तलैया, सिरोल, हजीरा, सात भाई की गोठ, शारदा विहार, उपनगर इंडस्ट्रियल एरिया, विवेक नगर, पंचमुखी नगर, लक्ष्मीबाई कॉलोनी, डीडी नगर और दर्पण कॉलोनी सहित कई इलाकों में कचरा वाहन समय पर नहीं पहुंच रहे हैं।
सूबे की गोठ, चंदन नगर, डीडी नगर के जी और एफ ब्लॉक, पारस विहार, विवेक नगर, बिजली घर रोड, श्याम विहार कॉलोनी और विवेक विहार कॉलोनी में नियमित सफाई नहीं हो रही है।