ग्वालियर

Water Scam in nagar nigam: घपला सामने आने पर टला मंत्री माया सिंह का दौरा, टाल मटोल करने पर लगे भाजपाई

जहां तक कि नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह का शनिवार की दोपहर ३ बजे तिघरा जाना तय हुआ था। लेकिन आखिरी वक्त पर उनका दौरा भी टाल दिया गया।

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Dec 10, 2017

ग्वालियर। जल संसाधन विभाग को नगर निगम और सत्तापक्ष की ओर से जल घोटाला करने का वॉक ओवर दे दिया गया है। पहसारी से छोड़ा जाने वाला पानी तिघरा में शनिवार की शाम तक नहीं पहुंचा था। इस बीच नगर निगम और सत्तापक्ष भाजपा की जिम्मेदारी थी वह तिघरा में खाली जगह को नाप सकते थे लेकिन किसी ने इसके लिए कोई रुचि नहीं दिखाई।


जहां तक कि नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह का शनिवार की दोपहर ३ बजे तिघरा जाना तय हुआ था। लेकिन आखिरी वक्त पर उनका दौरा भी टाल दिया गया। अगर मंत्री तिघरा पर पहुंचती तो जल संसाधन विभाग द्वारा की जा रही गड़बड़ी पकड़ में आ जाती। बहरहाल दौरा टलने के मामले को भी घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर जल संसाधन विभाग ने शनिवार की सुबह ही वॉटर लेवल में 0.10 फीट की बढ़ोतरी दिखा दी है।


अलग-अलग आंकड़े
वहीं जल संसाधन विभाग ने तिघरा के वॉटर लेवल को जहां विभाग की वेबसाइट पर स्थिर कर दिया है। वहीं मौखिक व्यवहार में निगम को 718.85 का वॉटर लेवल दिया है जबकि यह वॉटर लेवल शुक्रवार को 718.80 फीट था। हैरान करने वाली बात यह थी कि शाम चार बजे तक तिघरा में पानी पहुंचा ही नहीं था। इसके बावजूद पानी का जल स्तर बढ़ दर्शाया जा रहा है कि अफसरों ने गड़बड़ी के प्लान बी पर काम ? शुरू कर दिया है।

जल संसाधन विभाग तिघरा में पानी 100 एमसीएफटी कम बता रहा है, वहां 720 फीट का लेवल जबकि विभाग 718 बता रहा है।
इससे क्या होता है, हम तो जल संसाधन विभाग को मीटर की नाप से पैसे देंगे।


Q. एक माह होने को आया, सैकड़ों एमसीएफटी पानी बिना मीटर पंप किया गया है आज तक वहां मीटर नहीं लगे हैं फिर कैसे नाप होगी?
A. वहां मीटर लग गए हैं अगर नहीं लगे हैं तो लग रहे होंगे, नाप तो उन्हें ही करके देनी है।


Q. जनता का पैसा है। एक करोड़ का होगा 100 एमसीएफटी से अधिक पानी। आप तिघरा की नाप कराकर गड़बड़ी को पकड़ सकते हैं।
A. यह मामला जल संसाधन का है, वह अपनी नाप अनुसार हमें बिल देंगे तब उनका भुगतान होगा, आपको कोई गलत फहमी हो रही है।


Q. आपके पास समय है पानी को चेक करने का। तिघरा में गड़बड़ी चेक कर सकते हैं।
A. यह काम जल संसाधन का है, वो जो बिल देंगे उसका भुगतान होगा।

Published on:
10 Dec 2017 11:42 am
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